लखनऊ: छांगुर बाबा को जहां एटीएस ने रिमांड पर ले लिया है वहीं ईडी भी अब शिकंजा कसने की तैयारी में है। उधर, बलरामपुर के उतरौला में छांगुर बाबा की आलीशान हवेली को गिराने का खर्चा छांगुर बाबा से ही वसूला जाएगा। इस बुलडोज़र एक्शन में सरकार का कितना पैसा खर्चा हुआ अब प्रशासन इसका हिसाब करने में लगा है। सिर्फ बुलडोज़र के किराए में सरकार का लगभग तीन लाख अस्सी हजार रुपये खर्च हुए हैं।
सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई थी आलीशान हवेली
छांगुर बाबा की जिस आलीशान हवेली पर बुलडोज़र एक्शन हुआ वह सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करके बनाई गई थी। प्रशासन की तरफ़ से छांगुर बाबा को मई महीने से अवैध निर्माण हटाने के लिए तीन नोटिस दिए गए थे। नियमों के मुताबिक अगर कोई अवैध निर्माण करता है तो या तो वो खुद अवैध निर्माण को हटाए नहीं तो सरकार खुद अवैध निर्माण हटाकर खर्चा वसूलती है। छांगुर बाबा की आलीशान हवेली ग्राम समाज की ज़मीन पर बनी थी और प्रशासन ने अवैध निर्माण गिराया इसलिए ध्वस्ती खर्चा छांगुर बाबा से ही वसूला जाएगा।
बुलडोज़र एक्शन में कितना खर्च हुआ?
छांगुर बाबा की हवेली गिरने में तीन दिन लगे। रोजाना नौ बुलडोज़र सात-सात घण्टे चले। हर घण्टे बुलडोज़र का किराया दो हज़ार रुपये है। इसमें बुलडोज़र का फ्यूल और बुलडोज़र चलाने वालों का मेहनताना शामिल है। इस तरह एक बुलडोज़र का हर दिन किराया 126000 और नौ बुलडोज़र का रोजाना किराया 126000 हुआ। बुलडोज़र एक्शन तीन दिन चला इस तरह सरकार को 378000 रुपये बुलडोज़र के किराए के देने पड़े।
पूरे बुलडोज़र एक्शन पर करीब सौ पुलिस,फायर और रेवेन्यू विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी लगे जिनका तीन दिन का वेतन भी छांगुर बाबा से ही वसूला जाएगा। बलरामपुर के डीएम पवन कुमार ने इंडिया टीवी से कहा कि दो से तीन दिन में इस बुलडोज़र एक्शन का पूरा खर्चा निकाल लिया जाएगा।
छांगुर बाबा और सहयोगियों पर ईडी का शिकंजा
छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों पर ईडी का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। लखनऊ ATS की FIR के बाद अब ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है। ईडी के टारगेट पर छांगुर बाबा के 100 करोड़ की संपत्ति है। ईडी छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों की संपत्ति से जुड़े तमाम दस्तावेज इकट्ठे कर रही है। शुरुआती तफ्तीश में छांगुर बाबा के 40 अकाउंट की जानकारी मिली। ये सभी अकाउंट छांगुर बाबा ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर बनाई। ये अकाउंट 40 संस्थाओं के नाम पर खोले गए हैं। इनमें से करीब 6 ओवरसीज बैंको में अकाउंट होने की जानकारी सामने आई है।