उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पुलिस ने दो उज्बेकिस्तानी महिलाओं को पकड़ा है। ये दोनों महिलाएं अवैध तरीके से भारत में रह रही थीं। इन दोनों ने प्लास्टिक सर्जरी कराकर अपनी असली पहचान छिपा ली थी। हालांकि, अब पुलिस ने दोनों को पकड़कर पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह रैकेट विदेशी लोगों की प्लास्टिक सर्जरी कर उनकी पहचान बदल देता था। इसके बाद उन्हें अवैध तरीके से देश में बसा देता था।
विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय को पता चला कि लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके के न्यू हजरतगंज में फ्लैट नम्बर 527 में दो विदेशी महिलाएं रह रही हैं। इन महिलाओं ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय या पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी नही दी। इसके बाद विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय और पुलिस के टीम मौके पर पहुंची तो फ्लैट में दो महिलाएं मिली। सख्ती करने पर इन्होंने बताया कि ये उज्बेकिस्तान की रहने वाली हैं। इन्होंने अपना नाम हेलिडा और नीलोफर बताया।
महिलाओं ने बताया कि उनके पासपोर्ट और वीजा दो साल पहले खो गए थे। उज्बेकिस्तान की लोला कायुमोवा उन दोनों को यहां लेकर आई है। लोला की मदद से लखनऊ में इन्होंने चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी कराई, जिससे कोई ये ना समझ सके कि ये विदेशी हैं। अर्जुन राणा नाम के एक शख्स और प्लास्टिक सर्जन की मदद से लखनऊ में इन्हें फ्लैट मिला, जहां ये 18 जून से रह रही थीं। फिलहाल विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय और कई जांच एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। दोनों महिलाओं से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस दोनों महिलाओं से यह पता करने की कोशिश कर रही है कि प्लास्टिक सर्जरी कराकर इनका भारत में रहने का मकसद क्या था। प्लास्टिक सर्जन और त्रिजिन राज उर्फ अर्जुन राणा के पुलिस तलाश कर रही है। सुशांत गोल्फ सिटी में सब इंस्पेक्टर की तरफ से डॉक्टर और त्रिजिन राज उर्फ अर्जुन राणा पर दरविदेशी अधिनियम की धाराओं में एफआईआर कराई गई है।
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