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UP: मदरसों में अब गणित, विज्ञान और कम्प्यूटर पढ़ाना जरूरी, मंत्री बोले- 'कुरान-कंप्यूटर का सपना पूरा'

Edited By: Shakti Singh Published : May 24, 2025 04:29 pm IST, Updated : May 24, 2025 04:29 pm IST

दानिश अंसारी ने कहा कि देश के विकास के लिए गरीब मुसलमानों को शिक्षित करना जरूरी है। मदरसों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा मिलने से उनके लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

Madarsa- India TV Hindi
Image Source : PTI मदरसा (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने अब मदरसों में 'दीनी तालीम' के साथ आधी शिक्षा भी अनिवार्य कर दी है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि सभी मदरसों में गणित, विज्ञान और कंप्यूटर जैसे विषय पढ़ाना जरूरी होगा। योगी सरकार एक हाथ में कुरान, दूसरे में कम्प्यूटर का उद्देश्य साकार करने जा रही है। मदरसे में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दीनी तालीम के साथ अब मॉडर्न शिक्षा से जुड़े विषय भी पढ़ाए जाएंगे। मदरसों को एनसीईआरटी सिलेबस के साथ जोड़ा जाएगा।

सरकार के इस फैसले से मदरसों के 15 लाख से अधिक छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलेगी। इसके लिए निदेशक स्तर पर टीम गठित कर दी गई है। यह टीम पाठ्यक्रम को लेकर के आने वाले दिनों में रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही सिलेबस को अंतिम रूप देकर इसे लागू किया जाएगा। यूपी मदरसा बोर्ड से मौजूदा समय में 16513 मदरसे एफिलिएटेड हैं। इन सभी मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को सरकार की पहल का फायदा मिलेगा।

पीएम मोदी का सपना साकार होगा

यूपी के मदरसों के आधुनिक स्वरूप पर राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा, "हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि मुस्लिम समुदाय के युवाओं के एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में कंप्यूटर होना चाहिए। कुरान का मतलब है दीनी तालीम और हमारी इस्लामी पढ़ाई और कंप्यूटर का मतलब है वैज्ञानिक और आधुनिक शिक्षा। पहले दिन से इसी सोच को लेकर योगी सरकार ने अब तक उसी दिशा में ईमानदारी से काम किया है। मदरसों में पढ़ने वाले छात्र पिछड़े मुस्लिम समुदायों से आते हैं, जैसे पसमांदा समुदाय। दीनी की तालीम से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। लेकिन इसके साथ ही हमें मदरसों में विज्ञान, कंप्यूटर भी पढ़ाना चाहिए और हिंदी और अंग्रेजी को अनिवार्य रूप से पढ़ाना चाहिए।"

दानिश अंसारी ने कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे बेहद प्रतिभावान होते हैं। वह पूरी की पूरी कुरान शरीफ आसानी से याद कर लेते हैं। अगर उन्हें सही तरीके से आधुनिक शिक्षा दी जाएगी तो ये लड़के आगे चलकर देश के भविष्य में अहम योगदान दे सकते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकार की तरफ से दीनी तालीम को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह पहले की तरह चलती रहेगी।

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