जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा कि मदरसों के खिलाफ मनमानी और गैरकानूनी कार्रवाई बंद होनी चाहिए। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से अपील करते हुए कहा कि र मदरसों के खिलाफ किसी भी तरह की मनमानी, गैरकानूनी या भेदभावपूर्ण कार्रवाई से तुरंत बचें।
सीतापुर में मदरसे को जमींदोज कर एक बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। सरकारी दर के हिसाब से खाली कराई गई जमीन की कीमत सवा करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पाकिस्तान में 35,000 से अधिक मदरसे कार्यरत हैं। इनमें हजारों बच्चे धार्मिक शिक्षा प्राप्त करते हैं। मगर उनके साथ यौन शोषण और शारीरिक दंड जैसी यातनाएं हो रही हैं।
उत्तराखंड के सभी सरकारी स्कूलों में अब बच्चों को श्रीमद् भागवत गीता के श्लोक सिखाए और पढ़ाए जाएगे। राज्य के मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष ने राज्य सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
मौलाना अरशद मदनी ने कहा है कि मदरसे हमारा धर्म हैं, दुनिया नहीं। उन्होंने कहा है कि ये मदरसे हमारी पहचान हैं, और हम अपनी इस पहचान को मिटने नहीं देंगे।
दानिश अंसारी ने कहा कि देश के विकास के लिए गरीब मुसलमानों को शिक्षित करना जरूरी है। मदरसों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा मिलने से उनके लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
श्रावस्ती में मंगलवार को एक बार फिर प्रशासन का बुलडोजर गरजा है। जिले में कुल 297 मदरसे हैं। इनमें से केवल 105 मदरसों के पास मान्यता है, जबकि 192 मदरसे बिना मान्यता के संचालित हो रहे थे।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अवैध मदरसों और मस्जिदों के खिलाफ कार्रवाई की है। यूपी में एक तालाब की जमीन पर बने एक अवैध मदरसे को भी ध्वस्त किया गया है।
मदरसा में पढ़ने वाले दसवीं कक्षा के एक भी छात्र अंग्रेजी में अपना और यहां तक कि मदरसे का नाम तक भी नहीं लिख पाए। जांच की टीम जब पहुंची तो मदरसा में पढ़ाने वाले शिक्षक भी नदारद थे।
सीएम योगी ने विशेष समिति गठित करने के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत है। प्रदेश में 13,329 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित, जिनमें 12,35,400 छात्र-छात्राएं हैं।
जांच के दौरान पाया गया कि आजमगढ़ में 2019 मदरसे ऐसे हैं, जो सिर्फ कागज पर हैं। असल में इनका कोई अस्तित्व नहीं है। इनमें से कुछ मदरसों के लिए सरकार ने पैसा भी दिया था। अब इन मदरसा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है।
उत्तराखंड में धर्म की आड़ में जमीन कब्जे के खेल को रोकने के लिए CM धामी ने बड़ा एक्शन लिया है। राज्य में बड़े स्तर पर अवैध मदरसों को सील किया गया है।
बीएमओ मेंढर ने कहा 2 शिक्षक और 14 बच्चे हैं जिनके बीमार होने की सूचना मिली थी। सभी को उपचार के लिए मेंढर के अस्पताल लाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है।
मदरसे चलाने वालों को इस मौके का इस्तेमाल आधुनिक शिक्षा की शुरुआत के लिए करना चाहिए ताकि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे आगे चलकर अच्छे कालेजों में प्रवेश पा सकें, डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, वकील और आईटी प्रोफेशनल्स बन सकें।
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के मदरसा एक्ट को लेकर बड़ा फैसला दिया है जिससे इसमें पढ़ने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिली है। इस फैसले पर मुस्लिम पक्ष ने कहा कि मदरसों ने देश को कई IAS IPS दिए हैं।
यूपी के 16 हजार मदरसे चलते रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मदरसों को बड़ी राहत दी है लेकिन मदरसों में कामिल और फाजिल की डिग्री नहीं मिल सकेगी। यूजीसी की गाइडलाइंस के मुताबिक ये डिग्रियां नहीं दे सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए यूपी मदरसा एक्ट को संवैधानिक करार दिया है। यूपी के 16000 से अधिक मदरसों में पढ़ने वाले 17 लाख छात्रों को कोर्ट के इस फैसले से राहत मिली है।
सुप्रीम कोर्ट ने आज जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिका पर सुनवाई करते हुए NCPCR की सिफारिशों पर रोक लगा दी है, जिसमें संस्था ने कहा था कि मदरसों के बच्चों को फॉर्मल एजुकेशन नहीं मिलता, लिहाजा बच्चों को सरकारी स्कूलों में ट्रांसफर किया जाए।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि मदरसों को कमजोर करने की कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। मुस्लिम समुदाय को शिक्षित करने में मदरसों का अहम योगदान है।
राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने दावा किया है कि उत्तराखंड में 400 से ज्यादा मदरसे अवैध रूप से चल रहे हैं। इसके साथ ही कई मदरसे ऐसे भी हैं जहां हिंदू बच्चों को इस्लाम धर्म की शिक्षा प्रदान की जा रही है।
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