लखनऊ: टीएमसी और शिवसेना में फूट के बाद यूपी में भी इसकी चर्चाएं तेज हो गई हैं। दरअसल, सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर बीते कई दिनों से समाजवादी पार्टी पर हमलावर रुख अख्तियार किए हुए हैं। इसके बाद से यूपी में इन दिनों राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ओमप्रकाश राजभर ने शिवपाल यादव को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। राजभर ने कहा कि एक बार शिवपाल यादव ने कहा था कि सपा चोरों और माफियाओं की पार्टी बन गई है, यह ज्यादा दिन तक टिकेगी नहीं। वहीं शिवपाल ने भी राजभर के बयानों को बीजेपी की साजिश करार दिया।
'शिवपाल को धकेलकर सीएम बने थे अखिलेश'
यूपी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव को "बाहर धकेलकर" मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव के साथ "धोखा" हुआ, क्योंकि मुलायम सिंह के बाद उन्हें ही मुख्यमंत्री बनना चाहिए था। ओमप्रकाश राजभर ने कहा, "शिवपाल जी के साथ धोखा हुआ। मुलायम सिंह जी के बाद शिवपाल यादव को CM बनना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया। शिवपाल जी ने एक बार कहा था कि समाजवादी पार्टी चोरों और माफियाओं की पार्टी बन गई है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि ऐसी पार्टी टिक नहीं सकती।" बता दें कि सपा के पूर्व सहयोगी ओमप्रकाश राजभर अब BJP के नेतृत्व वाले NDA के सदस्य हैं।
'शिवपाल ने बताया बीजेपी की साजिश'
इससे पहले ओमप्रकाश राजभर सपा में फूट पड़ने को लेकर कई बयान दे चुके हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने आंतरिक फूट की बात को BJP द्वारा रची गई "साजिश" करार दिया। शिवपाल यादव ने कहा कि BJP और उसके सहयोगी राजनीतिक फायदा उठाने के लिए झूठ का सहारा लेते हैं। शिवपाल यादव ने कहा, "बीजेपी के लोग झूठ बोलते हैं। वे समय-समय पर साजिशें भी रचते रहते हैं। समाजवादी पार्टी का कोई भी सांसद पार्टी छोड़कर नहीं जाएगा। ये लोग अपनी TRP बढ़ाने और चुनाव में सीटें बढ़ाने के लिए ऐसी बातें कहते हैं।"
'ओमप्रकाश को कोई गंभीरता से नहीं लेता'
वहीं सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर पर तंज कसते हुए शिवपाल ने कहा कि राजभर के बयानों के पीछे कोई मकसद या लालच होता है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि उन्हें ट्वीट करने के पैसे मिलते हैं, इसीलिए वे ऐसी बातें कहते हैं और झूठ बोलते हैं। 2027 में उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी।" शिवपाल यादव ने आगे कहा, "पूरे उत्तर प्रदेश में कोई भी ओम प्रकाश राजभर को गंभीरता से नहीं लेता है।" यह सब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले हो रहा है।
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