उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में स्कूल बंद करने के आदेश दिया है। जानकारी के मुताबिक, भीषण गर्मी की वजह से वाराणसी में सभी स्कूल 25 मई तक बंद रहेंगे। वहीं, आगरा में भी स्कूल बंद करने के आदेश दिए गए हैं। राजधानी लखनऊ में 15 जून तक सभी स्कूल बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
कानपुर में 31 मई तक बंद रहेंगे स्कूल
कानपुर जिला प्रशासन ने भी बड़ा निर्णय लिया है। मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कानपुर जिलाधिकारी ने जिले के सभी प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।
आदेश के अनुसार यह निर्णय जिले के सभी शैक्षिक बोर्डों के विद्यालयों पर लागू होगा। इसमें सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड समेत अन्य सभी मान्यता प्राप्त विद्यालय शामिल हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि भीषण गर्मी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।
प्रदेश में बढ़ी गर्मी
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने भी आगामी दिनों में लू और अत्यधिक गर्म हवाओं की संभावना जताई है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चों पर हीटवेव का असर अधिक पड़ता है और लंबे समय तक धूप में रहने से डिहाइड्रेशन, चक्कर आने तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए कानपुर जिलाधिकारी ने जिले के सभी प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए 31 मई 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करने का आदेश जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी विद्यालयों को इस आदेश का सख्ती से पालन करना होगा। इसके साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश के अनुपालन की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने विद्यालय प्रबंधन से भी अपील की है कि वे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
प्रशासन का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा किसी भी परिस्थिति में सबसे महत्वपूर्ण है और मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह निर्णय आवश्यक था। अब अभिभावकों ने भी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे बच्चों के हित में उठाया गया कदम बताया है।
(कानपुर से अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट)