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ड्रोन से दहशत फैलाने वालों की अब खैर नहीं! सीएम योगी ने गैंगस्टर एक्ट और NSA लगाने का दिया आदेश, जानिए क्या हैं नियम

 Reported By: Ruchi Kumar, Edited By: Niraj Kumar
 Published : Aug 03, 2025 05:37 pm IST,  Updated : Aug 03, 2025 05:47 pm IST

सीएम योगी ने कहा कि अफवाह फैलाने या डर पैदा करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम योगी ने प्रमुख सचिव गृह व पुलिस महानिदेशक को हर जिले में ड्रोन गतिविधियों की समीक्षा कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

CM Yogi Adityanath- India TV Hindi
सीएम योगी आदित्यनाथ Image Source : PTI

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ड्रोन की दहशत के अब प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि ड्रोन से दहशत फैलाने वालों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया जाए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो NSA भी लगाया जाएगा। प्रदेश में अब बिना इजाजत ड्रोन के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध है और जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।

अफवाह फैलाने या डर पैदा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं

सीएम योगी ने कहा कि अफवाह फैलाने या डर पैदा करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम योगी ने प्रमुख सचिव गृह व पुलिस महानिदेशक को हर जिले में ड्रोन गतिविधियों की समीक्षा कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

ड्रोन मॉनीटरिंग सिस्टम के जरिए निगरानी

ड्रोन के दुरुपयोग पर सख्ती बरतते हुए प्रदेश में ड्रोन मॉनीटरिंग सिस्टम और कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। निगरानी और सुरक्षा के लिए जिलों में नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए ताकि आमजन में पुलिस और प्रशासन पर भरोसा बना रहे। 

तकनीक का गलत इस्तेमाल करने वालों पर शिकंजा

मुख्यमंत्री योगी ने तकनीक का गलत इस्तेमाल करने वालों पर शिकंजा कसने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग भी तकनीक का गलत इस्तेमाल करते हैं उनसे सरकार सख्ती से निपटेगी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ स्वीकार नहीं हैं।

ड्रोन उड़ाने को लेकर नियम और निगरानी

बता दें कि देश में ड्रोन उड़ाने को लेकर सरकार ओर से स्पष्ट नियम और कानून बनाए गए हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इन नियमों के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है। नियमों का पालन न करने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

नैनो ड्रोन यानी 250 ग्राम या उससे कम वजन वाले ड्रोन के अलावा सभी ड्रोन के लिए विशिष्ट पहचान संख्या (Unique Identification Number - UIN) प्राप्त करना जरूरी है। यह UIN डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म (Digital Sky Platform) के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है, जो ड्रोन से संबंधित सभी सेवाओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम है।

बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए रिमोट पायलट लाइसेंस (Remote Pilot License) होना अनिवार्य है। नैनो ड्रोन और गैर-व्यावसायिक उपयोग के लिए माइक्रो ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है।

ड्रोन उड़ाने के लिए हवाई क्षेत्र को तीन क्षेत्रों में बांटा गया है

  1. ग्रीन जोन (Green Zone): यहां कुछ शर्तों के साथ ड्रोन उड़ाने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है। इस क्षेत्र में 400 फीट (120 मीटर) तक ड्रोन उड़ाया जा सकता है।
  2. येलो जोन (Yellow Zone): इस क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने के लिए संबंधित हवाई यातायात नियंत्रण प्राधिकरण से पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है। हवाई अड्डे की परिधि से 8 से 12 किलोमीटर के बीच का क्षेत्र येलो जोन में आता है, जहां 200 फीट से ऊपर ड्रोन उड़ाने के लिए अनुमति चाहिए।
  3. रेड जोन (Red Zone): यह "नो-फ्लाई जोन" है जहां केंद्र सरकार की अनुमति के बिना ड्रोन उड़ाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
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