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यूपी में खत्म हुआ आदमखोर भेड़िए का आतंक, बाघ-तेंदुए के हमले जारी, एक महीने में 5 मौतें

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Oct 06, 2024 12:56 pm IST,  Updated : Oct 06, 2024 12:56 pm IST

शनिवार रात लखीमपुर खीरी के गंगाबेहड़ गांव में में तेंदुए ने 12 साल के बच्चे को अपना शिकार बनाया। पिछले एक महीने में कुल पांच मौतें हुई हैं, जिसमें दो बाघ के हमले में, दो तेंदुए हमले में मौत एक भेड़िये के हमले में हुई है।

Wolf- India TV Hindi
बकरी के बच्चे के साथ मृत भेड़िया Image Source : INDIA TV

उत्तर प्रदेश में आदमखोर भेड़िए का आतंक खत्म हो चुका है। तमाचपुर गांव में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात ग्रामीणों ने पीट-पीट कर आदमखोर भेड़िए को मार डाला। बहराइच जिले की महसी तहसील के करीब 50 गांव में आदमखोर भेड़ियों का आतंक था। वन विभाग के अनुसार छह भेड़िए इंसानों पर हमला कर रहे थे। इनमें से पांच को पकड़ा जा चुका था, लेकिन छठा भेड़िया वन विभाग की पहुंच से दूर था, जिसे गांव के लोगों ने पीट-पीटकर मार दिया। हालांकि, बाघ और तेंदुल के हमले अभी भी जारी हैं। पिछले एक महीने में कुल पांच मौतें हुई हैं, जिसमें दो बाघ के हमले में, दो तेंदुए हमले में मौत एक भेड़िये के हमले में हुई है।

शनिवार रात लखीमपुर खीरी के गंगाबेहड़ गांव में में तेंदुए ने 12 साल के बच्चे को अपना शिकार बनाया। मृतक बालक अपने पिता के साथ खेत से लौट रहा था। रास्ते में ही तेंदुए ने झपट्टा मारा और बच्चे को खींच ले गया। कई घंटे बाद गन्ने के खेत में बच्चे की लाश मिली। अब वन विभाग के सामने आदमखोर बाघ और तेंदुए को पकड़ने की चुनौती है।

वन विभाग के अधिकारी ने भेड़िए की मौत की पुष्टि की

बहराइच के प्रभागीय वन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने रविवार सुबह बताया कि मारा गया भेड़िया आदमखोर भेड़ियों के झुंड का वही छठा और अंतिम सदस्य है, जिसकी वन विभाग को तलाश थी। उन्होंने बताया कि भेड़िए के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। सिंह ने बताया, ‘‘ शनिवार देर रात हमें जानकारी मिली कि महसी तहसील के रामगांव थानांतर्गत तमाचपुर गांव में एक भेड़िए को लोगों ने मार डाला है। हम लोग वहां पहुंचे तो हमें मृत भेड़िया तथा एक बकरी का शव बरामद हुआ। भेड़िए के शरीर पर चोट के निशान थे और खून बह रहा था। नजदीक से देखने पर पाया गया कि मृत भेड़िया एक वयस्क मादा थी।’’ 

17 जुलाई से आठ लोगों की मौत

वन अधिकारी ने कहा, ‘‘भेड़िया आबादी वाले इलाके में घुसा था और एक बकरी को उठाकर ले जा रहा था। रास्ते में गांव वालों ने उसे घेरकर मार डाला। मृत भेड़िए को पोस्टमार्टम के लिए रेंज कार्यालय लाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यदि कोई विशेष अतिरिक्त जानकारी सामने आई तो उसे साझा किया जाएगा।’’ 17 जुलाई से सात बच्चों सहित आठ लोगों की भेड़ियों के हमलों से मौत हुई है, जबकि करीब 36 लोग भेड़िए अथवा अन्य जानवरों के हमलों से घायल हुए थे। वन विभाग के अनुसार छह आदमखोर भेड़ियों का एक झुंड गांव के लोगों पर हमले कर रहा था। इनमें से पांच को पहले ही पकड़ा जा चुका है जबकि झुंड का एक मात्र भेड़िया अभी पकड़ा जाना शेष था। झुंड का पांचवा भेड़िया 10 सितम्बर को पिंजरे में कैद कर चिड़ियाघर भेजा गया था। 

तीन तेंदुए भी पकड़ाए

वन विभाग ने शुक्रवार को बहराइच के रामपुर बेझा गांव में एक वयस्क नर तेंदुए को पिंजरे में कैद किया था। कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के ककरहा रेंज जंगल से सटे रिहायशी इलाकों में 26 सितंबर से इंसानों पर तेंदुओं के हमले के चार मामले सामने आए हैं। विभाग ने पिंजरे लगाकर एक मादा तेंदुआ सहित कुल तीन तेंदुए पकड़े हैं, जिनमें से तीसरा तेंदुआ बीती रात पकड़ा गया। इससे पहले धर्मपुर बैझा में 29 सितंबर की रात एक नर तेंदुआ को पकड़ा गया था, जबकि दो अक्टूबर की रात अयोध्यापुरवा में एक मादा तेंदुआ को पिंजरे में कैद किया गया था।

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