1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. यूपी विधानसभा में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और सपा विधायकों में तीखी झड़प, हाथापाई की आई नौबत

यूपी विधानसभा में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और सपा विधायकों में तीखी झड़प, हाथापाई की आई नौबत

 Reported By: Ruchi Kumar Edited By: Mangal Yadav
 Published : Feb 19, 2026 02:58 pm IST,  Updated : Feb 19, 2026 03:03 pm IST

यूपी विधानसभा में बजट सेशन के दौरान मछली पालन मंत्री संजय निषाद के समाजवादी पार्टी के नेताओं पर "बेईमान" होने और OBCs को मिलने वाले फ़ायदों का ज़्यादातर हिस्सा हड़पने का आरोप लगाने के बाद ज़ोरदार हंगामा हुआ।

मंत्री संजय निषाद - India TV Hindi
मंत्री संजय निषाद। फाइल Image Source : X@DRSANJAYKNISHAD

लखनऊः यूपी विधानसभा में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। बजट पर चर्चा के दौरान मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद और सपा विधायकों में तीखी बहस हुई। विरोध करते हुए सपा विधायक वेल में आ गए। इस बीच सपा विधायकों ने मंत्री के हाथ से कागज छीने। इस दौरान सपा और निषाद पार्टी के विधायकों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। संसदीय कार्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने इसे मंत्री पर हमले की कोशिश बताते हुए पीठ से शिकायत की।

संजय निषाद ने सपा-कांग्रेस पर बोला तीखा हमला

संजय निषाद ने बजट की तारीफ करने के बाद सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि निषाद समुदाय ने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी, मुगलों से लड़ाई लड़ी और पिछले 75 साल से इन बेईमानों (कांग्रेस) से भी लड़ रहे हैं। ये जो दाहिने बैठे हैं (सपा के लोग) इन्होंने 30 साल की सत्ता में मछुआ समाज के लिए एक रुपया भी नहीं दिया। मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 67 साल में पूरे देश में 3000 करोड़ रुपये दिए। यूपी ने तो एक रुपया भी नहीं दिया। एक मंत्री बनाकर बैठाया था। हमारे विभाग में एक मछुआ पद हुआ करता था उसे उर्दू अनुभाग में भर्ती कर दिया। निषाद उर्दू पढ़ता है या मछली उर्दू पढ़ती है। ये मछुआरों के मगरमच्छ हैं।

सपा पर लगाया गंभीर आरोप

टोकाटाकी के बीची मंत्री नहीं रुके और वह बोलते गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने नौकरी लूटी। रोजी रोटी लूट ली। जातिसूचक शब्द कह कर मारा जाता था। गोरखपुर में हमने आंदोलन किया। हमारे समाज ने हमें यहां भेजा है कि जाओ और इन लोगों का पर्दाफाश करो। मंत्री निषाद ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण पर अपने वक्तव्य के दौरान इस्तेमाल किए गए जातिसूचक शब्द की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अपने नेता से कहिए कि माफी मांगें। अगर नहीं मांगते हैं तो एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करवा दिया जाएगा। 

सपा विधायकों ने मंत्री के हाथ से कागज छीना

सपा सदस्यों के वेल में आने पर लगातार पीठ की तरफ से मंत्री को निर्देश दिए जाते रहे कि वह अपनी बात खत्म करें। हालांकि, मंत्री निषाद अपनी बात कहते ही रहे। कुछ सपा सदस्य मंत्री की तरफ बढ़े और उनके हाथ से कागज छीना। मयंकेश्वर शरण सिंह ने इसे हाथपाई बताते हुए हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि यही सपा का आचरण है। इतने पर भी जब विवाद थमता नहीं दिख रहा था तब विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना को आना पड़ा। उन्होंने आकर दोनों पक्षों को शांत करवाया और कहा कि जैसे सदन चलता रहा है वैसे ही चलने दिया जाए।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।