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राजस्थान को रेलवे की बड़ी सौगात! खाटूशायमजी स्टेशन के साथ 5 नई रेल परियोजनाएं पकड़ेंगी रफ्तार

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Jun 30, 2026 07:46 pm IST,  Updated : Jun 30, 2026 07:47 pm IST

राजस्थान में रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य को जल्द ही पांच नई रेल परियोजनाओं की सौगात मिलने वाली है। इन परियोजनाओं से न सिर्फ रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजगार को भी नई गति मिलेगी।

राजस्थान में 5 नई रेल...- India TV Hindi
राजस्थान में 5 नई रेल परियोजनाएं पकड़ेंगी रफ्तार Image Source : CANVA

राजस्थान में रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य को जल्द ही पांच नई रेल लाइन परियोजनाओं की सौगात मिलने वाली है। इन परियोजनाओं में खाटूश्यामजी रेलवे स्टेशन का निर्माण, सिरोही को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने और सीमावर्ती इलाकों तक रेलवे पहुंचाने जैसे अहम काम शामिल हैं। इन रेल परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में यात्रियों की आवाजाही आसान होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

खाटूश्यामजी स्टेशन का सपना होगा साकार

राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में नया रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। इससे देशभर से बाबा श्याम के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। सड़क यात्रा पर निर्भरता कम होगी और यात्रा पहले से अधिक आसान और तेज बनेगी।

5 नई रेल परियोजनाओं पर होगा काम

  1. रेलवे जिन पांच प्रमुख परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है, उनमें सबसे प्रमुख मारवाड़ बागरा (जालोर)-सिरोही-स्वरूपगंज नई रेल लाइन है। करीब 96 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी मिल चुकी है। इसके पूरा होने के बाद सिरोही जिला पहली बार सीधे भारतीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
  2. दूसरी परियोजना बालोतरा-पचपदरा के बीच लगभग 11 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन है। इस परियोजना का सर्वे पूरा हो चुका है और आगे की प्रक्रिया तेजी से बढ़ाई जा रही है।
  3. तीसरी परियोजना बिलाड़ा-रायस के बीच 58 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन की है। इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) करीब 850 करोड़ रुपये की लागत के साथ तैयार कर भेजी गई है।
  4. चौथी परियोजना धौलपुर-गंगापुर सिटी (करौली के रास्ते) लगभग 145 किलोमीटर लंबी विशेष रेल लाइन है। इससे करौली जिले की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा और स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
  5. पांचवीं परियोजना जैसलमेर-बाड़मेर-भीलड़ी (380 किमी) और खाजूवाला-जैसलमेर (260 किमी) रेल लाइन से जुड़ी है। इन परियोजनाओं के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का काम जारी है। इन रेल लाइनों से सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और सामरिक महत्व दोनों मजबूत होंगे।

पर्यटन, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

नई रेल लाइनों के शुरू होने से राजस्थान के कई धार्मिक, पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी। परिवहन बेहतर होने से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही माल ढुलाई भी अधिक तेज और किफायती हो सकेगी।

सीमावर्ती इलाकों को मिलेगा बड़ा फायदा

जैसलमेर, बाड़मेर और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में नई रेल परियोजनाएं रणनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। बेहतर रेल नेटवर्क से इन इलाकों में विकास की रफ्तार बढ़ेगी और जरूरत पड़ने पर सैन्य एवं लॉजिस्टिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

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