मथुरा: यूपी के मथुरा में ब्रज के विख्यात गौरक्षक चंद्रशेखर उर्फ “फरसा वाले बाबा” की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक, वह एक वाहन के नीचे आ गए, जिसमें उनकी जान चली गई। एक तरफ बाबा के समर्थक इसे सुनियोजित हत्या बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि बाबा की मौत ट्रक के नीचे आने से हुई है।
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कहां की है घटना?
यह पूरी घटना कोसी कलां थाना इलाके की कोटवन चौकी क्षेत्र के नवीपुर गांव की बताई जा रही है, जहां सुबह तड़के करीब 4 बजे ये घटना हुई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और शोक की लहर दौड़ गई है। मौके से एक आरोपी को पकड़ लिया गया, जबकि तीन अन्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
गौरक्षकों ने लगाया दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम
गौरक्षकों ने फरसा वाले बाबा की मौत के बाद दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम लगा दिया। गौरक्षकों ने पुलिस पर पथराव किया। इससे पुलिसकर्मियों में भगदड़ मच गई है। बड़ी तादात में गोरक्षक दिल्ली आगरा हाईवे पर एकत्रित हुए और पुलिस गौरक्षकों को समझाने का लगातार प्रयास करती रही। पथराव में पुलिस अधिकारियों की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं और कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पथराव करने वाले लोगों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे हैं, फिर भी प्रदर्शनकारी पुलिस और पुलिस की गाड़ियों पर लगातार पथराव कर रहे हैं।
मथुरा के एसएसपी ने क्या कहा?
मथुरा के एसएसपी ने कहा, "सुबह तड़के 3 से 4 के बीच गौरक्षक फरसे वाला बाबा उर्फ चंद्रशेखर ने एक कंटेनर जो नागालैंड नंबर का था वो रोका हुआ था। कोहरा घना था। पीछे से राजस्थान नंबर का एक ट्रक आया और कोहरे के चलते इनकी बाइक से टकराया, जिसमें इनकी मौत हुई। ट्रक ड्राइवर को चोट आई है वो एडमिट है, हेल्पर से हम पूछताछ कर रहे हैं, ट्रक में भी कुछ संदिग्ध नही था, उसमें तार थे। दोनों हेल्पर ड्राइवर मुस्लिम हैं। एक का नाम इशरार है। दूसरे से पूछताछ कर रहे हैं। दोनों का कोई क्रिमिनल बैकग्राउंड नहीं है। नागालैंड वाले कंटेनर में राशन का समान था, दोनों में कुछ संदिग्ध नहीं था। कुछ लोगों ने छाता थाना क्षेत्र में हाइवे जाम किया और पथराव किया है। बल इस्तेमाल करके हाइवे खाली करवा लिया गया है। हर एंगल से जांच की जा रही है।"
मथुरा पुलिस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "थाना कोसी क्षेत्र में कल रात्रि लगभग 03:00-04:00 बजे के मध्य चंद्रशेखर उर्फ फरसा बाबा द्वारा एक वाहन को संदेह के आधार पर रोका गया था। इसी दौरान घने कोहरे के कारण पीछे से आ रहे एक ट्रक की टक्कर लगने से उनकी दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई। जिस कंटेनर को बाबा ने रोका था उसमें किराने का सामान पाया गया तथा पीछे से आए ट्रक में तार लदे हुए थे। यह एक सड़क दुर्घटना है, गोवंश तस्करी से इसका कोई संबंध नहीं है। कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध आवश्यक बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।" (इनपुट: मोहन श्याम शर्मा)