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VIDEO: मेरठ में 150 साल पुरानी चुंगी मस्जिद पर चला बुलडोजर, पहली बार नहीं पढ़ी गई नमाज, जानें वजह

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Feb 22, 2025 01:21 pm IST,  Updated : Feb 22, 2025 01:22 pm IST

मेरठ दिल्ली रास्ते में पड़ने वाली 150 साल पुरानी चुंगी मस्जिद पर रातोंरात बुलडोजर कार्रवाई की गई और मस्जिद को ध्वस्त कर समतल कर दिया गया। । मस्जिद हटने के बाद कैसा नजारा था, देखें वीडियो...

चुंगी मस्जिद पर चला बुलडोजर- India TV Hindi
चुंगी मस्जिद पर चला बुलडोजर

हिमा अग्रवाल: मेरठ दिल्ली रोड स्थित पुरानी चुंगी मस्जिद को हटाने के लिए मुस्लिम समाज ने खुद पहल की थी। इस मस्जिद को ध्वस्त करने के लिए प्रशासन ने मस्जिद समिति को एक दिन का समय दिया था, लेकिन मस्जिद समिति उसे तय सीमा में पूरा तोड़ नही पायीं, जिसके चलते एनसीआरटीसी की टीम ने उस पर बुलडोजर चलाकर उसे पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। यह काफी पुरानी मस्जिद थी, करीब 150 साल पुरानी। इस मस्जिद का ब्रिटिशकालीन होने का दावा किया जा रहा है। मस्जिद ध्वस्त होने के बाद पहली बार लोग नमाज नहीं पढ़ सके।

इस वजह से ध्वस्त की गई मस्जिद

मेरठ दिल्ली रोड पर रैपिड रेल का काम तेजी से चल रहा है, जिस जगह यह मस्जिद थी वहां से अब अंडरग्राउंड रैपिड और मैट्रो गुजरेगी। सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यकरण के आड़े यह मस्जिद आ रही थी, जिसके चलते उसको ढहा दिया गया है। बीते शुक्रवार की सुबह मस्जिद से जुड़े लोगो ने हथौड़ा चलाकर इसे हटाने की पहल कर दी थी। इससे पहले चौखट, दरवाजे, खिड़कियां सबकुछ हटा दिया गया था, वहीं शुक्रवार की देर रात लोगों और प्रशासन की सहमति से मस्जिद के ढांचे पर बुलडोजर चला गया और जमीन को समतल कर.दिया गया है।

देखें वीडियो

प्रशासन ने लोगों को समझाया

दिल्ली रोड की सड़क पर आ रही मस्जिद को हटाने की मांग राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) अधिकारी लगातार कर रहे थे। इसी कड़ी में एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह एनसीआरटीसी अधिकारियों के मस्जिद के इमाम और जिम्मेदार लोगों से मिले और सौहार्दपूर्ण वातावरण में आपसी सहमति से मस्जिद हटाने के लिए समझाया कि रैपिड निर्माण में मस्जिद को हटाया जाना जरूरी है। जिसके तहत आम सहमति बनने पर मस्जिद का ढांचा गिराया गया है।

लोगों की ये है मांग

मुस्लिम समाज और मस्जिद से जुड़े हाजी स्वालेहिन ने इंडिया टीवी को बताया कि यह अंग्रेजों के समय की मस्जिद है 1857 से इसका अस्तित्व है, बैनामा भी है। मस्जिद के मुतव्विल के पास नोटिस आया है, उनकी तबीयत भी खराब हो रही है। वसीम और नावेद ने भी बातचीत में कहा कि हम लोग सौहार्दपूर्ण वातावरण में मस्जिद हटा देंगे, लेकिन सरकार हमें मस्जिद के बदले में दूसरी जगह दे दें या मुआवजा दे ताकि स्थानीय लोगों के इबादत के लिए मस्जिद बनाई जा सके। इसके लिए प्रशासन पीडब्ल्यूडी से बातचीत की जायेगी।

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