Yogi Govt Nine Years: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को आज (बुधवार को) 9 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनाईं। सीएम योगी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के विजन को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि योजनाएं जमीनी स्तर पर लागू हों और वे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं। साथ ही, यूपी में कानून व्यवस्था और दंगा-मुक्त प्रदेश बनने पर भी तारीफ की। जानें सीएम योगी ने क्या-क्या कहा?
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 9 साल में सरकार ने जो भी काम किए, चाहे सुरक्षा के लिए, चाहे रोजगार के लिए, चाहे वेलफेयर स्कीम जिससे वंचितों को लाभ मिले। महिला कल्याण क्षेत्र में जो कार्य हुए, आस्था को सम्मान देने के जो कार्य हुए, इन्हीं से उत्तर प्रदेश को नई पहचान मिलनी प्रारंभ हुई। इस 9 वर्ष की अलग-अलग थीम पर इस नवरात्र में चर्चा परिचर्चा हो।
सीएम योगी ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के 28 मार्च को उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। यही तो वो प्रदेश है, इस समय रमजान ईद के साथ नवरात्र भी मनाया जा रहा है, कहीं कोई हलचल है क्या? शालीनता के साथ सारे पर्व त्योहार मनाए जा रहे हैं। यही है सुरक्षा का एहसास। पहले हर आयोग और भर्ती बोर्ड पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे। पिछली सरकारों ने दंगाइयों के काल पीएसी को समाप्त कर दिया था, हमने उनकी 34 कंपनियों को पुनर्जीवित करके, पहली बार 3 महिला बटालियन की भी स्थापना की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले, आज जो लोग हमारी आस्था को अंधविश्वास बोलते थे, वे नोएडा नहीं जाते थे क्योंकि उनको लगता था नोएडा जाएंगे तो कुर्सी से उतर जाएंगे। जब मैं आया, मुख्यमंत्री बना, मुझे मुख्यमंत्री का दायित्व दिया गया, तो मैंने कहा भी नोएडा जाएंगे। तब लोगों ने कहा मुख्यमंत्री नोएडा जाता है तो हट जाता है। मैंने कहा भी कुर्सी बाद में जाए या आज ही चली जाए, लेकिन मुख्यमंत्री नोएडा जाएंगे। अगर उत्तर प्रदेश का भला होगा तो हम नोएडा जाएंगे और नोएडा के विकास में जो वहां पर बैरियर हैं, इन बैरियर को हटाएंगे।
उत्तर प्रदेश आज इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश भी बना है। इन्वेस्टमेंट के लिए उत्तर प्रदेश में 2017 के पहले कोई इन्वेस्टर नहीं आता था, क्योंकि इन्वेस्टमेंट के लिए सुरक्षा चाहिए, पॉलिसी चाहिए। इन्वेस्टमेंट के लिए पॉलिसी के साथ-साथ लैंड और बैंक चाहिए। लैंड और बैंक के साथ-साथ सरकार की नियत भी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि याद करिए 2017 के पहले, 1947 से लेकर के 2017 तक उत्तर प्रदेश के अंदर बामुश्किल से 14 हजार से भी कम उद्योग थे और आज अब तक हमारे पास 31 हजार तो बड़े उद्योग लग चुके हैं। 96 लाख एमएसएमई यूनिट हैं, यूपी के अंदर आज के दिन पर कार्यरत हैं। एमएसएमई यूनिट में 3 करोड़ 11 लाख से ज्यादा लोग कार्य कर रहे हैं और हमारे जो उत्तर प्रदेश के अंदर 31 हजार से अधिक बड़े जो भी उद्योग लगे हैं, इन उद्योगों में भी 65 लाख से अधिक लोग कार्य कर रहे हैं।
CM योगी ने कहा कि देश का 55 फीसदी मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूपी कर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का जो 60 फीसदी निर्माण देश के अंदर हो रहा है वो यूपी में नहीं हो पाता, क्योंकि मुख्यमंत्री के लिए तो नोएडा जाना एक अपशकुन बना दिया गया था। वो अपशकुन यूपी के लिए बनाया गया था, मुख्यमंत्री उसका एक माध्यम बना था। हम लोगों ने कहा ये अपशकुन को उखाड़ फेंकेंगे, विकास में इसको बाधा नहीं बनने देंगे।
उन्होंने आगे कहा कि आज हम लोगों ने उसको भी दूर किया है, उत्तर प्रदेश बेहतरीन डेस्टिनेशन बनकर के निवेश का आगे बढ़ा है। उत्तर प्रदेश में सरकार ने पहला निर्णय अन्नदाता किसानों के लिए लिया था, वह निर्णय ऋण माफी का था। ऋण माफी से आज किसान सम्मान निधि तक की इस यात्रा में उत्तर प्रदेश की ग्रोथ रेट एग्रीकल्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व है। यह साढ़े आठ प्रतिशत से बढ़कर के यह 18 फीसदी हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 18 फीसदी देश के अंदर आज के दिन पर उत्तर प्रदेश कृषि विकास के सबसे तेज गति के साथ आगे बढ़ने वाला राज्य है। अब हमारा अन्नदाता किसान आत्महत्या नहीं करता है। अकेले गन्ना किसानों के बारे में जो चर्चा हो रही थी, याद करिए 2012 से लेकर के 2017 के बीच कुल 95 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान हुआ। हमने 17 से अब तक इन नौ वर्षों में 3 लाख 16 हजार 800 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान अन्नदाता किसान को किया है। कोई तुलना है 95 हजार में और 3 लाख 16 हजार 800 करोड़ रुपये में? यह है परिवर्तन।
वे बोले कि नौ एक शुभ अंक है, यह पूर्णता का परिचायक है। सरकार के 9 साल पूरे होने पर शालीनता के साथ सब पर्व मनाए जा रहे हैं, कोई डर नहीं है। यूपी में पिछली सरकार में भर्ती नहीं होती थी। 9 साल पूरे हो रहे हैं और हमने 9 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश किया। कल से त्यौहार शुरू हो रहे हैं। कोई दंगा नहीं, कोई तनाव नहीं कोई कर्फ्यू नहीं। ये अच्छे लॉ एंड आर्डर का असर है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने 9 साल के शासनकाल पर कहा, '9 साल पहले उत्तर प्रदेश में किन कारणों से युवाओं में पहचान का संकट पैदा हुआ था? सबसे उपजाऊ राज्य होने के बावजूद हमारे किसान खुदकुशी क्यों कर रहे थे? बेटियों और व्यापारियों के पास कोई सिक्योरिटी नहीं थी। हमारे युवा राज्य से बाहर पलायन करने को मजबूर थे।'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत, गांव के आखिरी व्यक्ति तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की पहल की गई है। जल जीवन योजना के कामयाबी से कार्यान्वयन के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल जी ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच आज हुए समझौता ज्ञापन कार्यक्रम में भाग लिया।
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में 1,05,000 से ज्यादा राजस्व गांव हैं, जिनमें से 10 हजार से ज्यादा गांवों में पाइपलाइन के जरिए पेयजल की सुविधा उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश में स्कीम के कार्यान्वयन के साथ, हमने यह सुनिश्चित किया है कि सभी एजेंसियां और ठेकेदार काम पूरा होने के बाद 10 साल तक इसके रखरखाव के लिए जिम्मेदार होंगे।
सीएम योगी ने कहा कि 85 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें ऐसी थीं जहां पर पेयजल की कोई भी स्कीम नहीं थी। वहां पर हैंडपंप के माध्यम से या फिर तालाबों से या नदियों से जनता जल लेती थी। परिणाम था पर्याप्त जल संसाधन होने के कारण सामान्यतः लोगों को इसकी समस्या नहीं थी। लेकिन प्रदूषित जल के कारण बहुत बार तमाम प्रकार की बीमारियों के कारण असमय मौत की शिकायतों में काफी बढ़ोतरी हुई थी।
मुख्यमंत्री बोले कि मैं केवल एक उदाहरण दूंगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में पर्याप्त जल संसाधन है। लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश में इन्सेफेलाइटिस से प्रतिवर्ष हजारों मौतें होती थीं। इन हजारों मौतों का परिणाम वहां पर प्रतिवर्ष जब हम लोगों ने इन सभी आंकड़ों को लेकर के एआई टूल के माध्यम से इसकी एनालिसिस की तो पता लगा कि खुले में शौच और अशुद्ध पेयजल के कारण ये मौतें हो रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आज जल जीवन मिशन के तहत जब उन गांवों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता हुई और हर घर में शौचालय बने, जिन क्षेत्रों में 40 साल में 50 हजार से अधिक मौतें हुई थीं। आज मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि पिछले 5 साल में मौत के आंकड़ों को जीरो तक पहुंचाने में हमें सफलता मिली है। और इसका श्रेय मैं प्रधानमंत्री के इस विजन को देता हूं, जिन्होंने स्वच्छ भारत मिशन में हर घर में शौचालय और जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल की इस स्कीम को जारी किया, इसको लागू किया।
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