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मौत से चंद मिनट पहले कोरोना मरीज ने पिता को बताई थी ये परेशानी, खबर आंखों में नमी ला देगी

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Jun 29, 2020 10:52 am IST,  Updated : Jun 29, 2020 11:05 am IST

कोरोना मरीज रवि कुमार की मौत से पहले का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में रवि अपने पिता से कह रहा है कि उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा है। बाय पापा बाय।

Corona Virus- India TV Hindi
Corona Virus - कोरोना वायरस Image Source : PINTEREST

भारत सहित कई देशों में कोरोना आक्रामक रूप ले चुका है। भारत में अभी तक कोरोना मरीजों की संख्या 5 लाख 50 हजार के करीब पहुंच चुकी है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक कोरोना मरीज का वीडियो वायरल हो रहा है। ये वीडियो कोरोना मरीज रवि कुमार का मौत से पहले का है। इस वीडियो में रवि अपने पिता से कह रहा है कि उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा है। बाय पापा बाय।

रवि कुमार के मौत से पहले का ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। रवि कुमार हैदराबाद के एक चेस्ट अस्पताल में भर्ती था। कोरोना से पीड़ित रवि का निधन इसी शुक्रवार को हुआ। रवि ने अपने निधन से पहले पापा के नाम वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया था जो अब चर्चा में है।

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कोरोना पीड़ित रवि कुमार के निधन के बाद उसके परिवार वाले अस्पताल पर आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि अस्पताल के स्टाफ ने वेंटिलेटर हटा दिया था। वेंटिलेटर के हटते ही उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। परिवार का ये भी कहना है कि अस्पताल की लापरवाही की वजह से उनका बेटा तीन घंटे तक तड़पता रहा। 

मृतक के पिता का नाम वेंकटेश है। बेटे की मौत के बाद वेंकटेश ने एक सेल्फी वीडियो जारी किया है। इस वीडियो के जरिए वेंकटेश ने तेलंगाना सरकार पर निधाना साधा है। उन्होंने वीडियो मैसेज में कहा- 'मेरे बेटे रवि को 100-101 बुखार था। 23 तारीख को जब अस्पताल ले गए तो वहां कहा गया कि आपके बेटे में कोरोना के लक्षण हैं। हमें कहा गया कि कोरोना टेस्ट करवाकर लाओ।' 

वेंकटेश ने वीडियो में आगे कहा- 'मैं इस तरह 10-12 अस्पताल गया। 24 तारीख को कारखाना में विजया डायग्नोसिस गया। बेटे को सांस लेने में बहुत दिक्कत हो रही थी इसलिए निम्स, गांधी, यशोदा के अलावा कई अस्पतालों के चक्कर काटे उसके बाद जाकर चेस्ट अस्पताल में बेटे को भर्ती कराया। वहां पर क्या हुआ उसके साथ पता नहीं। ऑक्सीजन किसी दूसरे मरीज को लगाने के लिए हटाया या मारने के लिए ये भी नहीं पता। हालांकि कोरोना की रिपोर्ट नहीं आई थी।' 

अब इस मामले पर चेस्ट अस्पताल के सुपरिटेंडेंट महबूब खान का भी बयान आया है। उन्होंने कहा- 'रवि 24 को भर्ती हुआ था। 26 को उसकी मौत हो गई। जब भर्ती हुआ था तब उसकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब थी। हमने सभी जांच की थी। हम लोगों ने ऑक्सीजन या फिर वेंटिलेटर नहीं हटाया था। कोरोना के कारण उससे फेफड़ों और हार्ट दोनों बहुत ज्यादा प्रभावित थे।' बताया जा रहा है कि युवक के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि उसके अंतिम संस्कार के बाद हुई।

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