Viral Post : बेंगलुरु के एक ऑटो-रिक्शा चालक ने रोजमर्रा के आवागमन के लिए एक ऐसा मॉडल पेश किया है। इसे देखने के बाद कई यूजर्स हैरत में पड़ गए हैं। यूजर्स इसे "प्रीमियम सब्सक्रिप्शन" मॉडल कह रहे हैं और यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। दरअसल, बेंगलुरु में ऑटो चलाने वाले एक ड्राइवर ने इंटरनेट पर तब सुर्खियां बटोरीं जब उसके ऑटो के अंदर लगे एक पोस्टर की फोटो सामने आई। इसमें यात्रियों के लिए यात्रा के दौरान उपलब्ध वैकल्पिक सशुल्क सेवाओं की सूची का विवरण दिया गया था।
एक्स पर सामने आई फोटो
एक्स पर @IndianTechGuide नामक हैंडल से शेयर किया गया है। बेंगलुरु का एक ऑटो-रिक्शा चालक अप्रत्याशित रूप से रातोंरात वायरल सनसनी बन गया है, क्योंकि उसने अपने वाहन को एक ऐसे स्थान में बदल दिया है जिसे सोशल मीडिया यूजर्स "प्रीमियम ऑटो अनुभव" कह रहे हैं। इस मेन्यू में यात्रियों के लिए कई वैकल्पिक सुविधाओं की सूची दी गई थी, जिनमें पंखे का उपयोग, ठंडा पीने का पानी और मोबाइल चार्जिंग शामिल थे, और ये सभी अतिरिक्त शुल्क पर उपलब्ध थे। यात्री सीट के पीछे लगे इस नोटिस में यात्रियों का स्वागत "वेलकम टू प्रीमियम ऑटो" लिखकर किया गया है, जिसके बाद कई अतिरिक्त सुविधाओं और उनकी कीमतों की सूची दी गई है।
मेन्यू में क्या-क्या
मेन्यू के अनुसार, जो यात्री ऑटो के अंदर 30 मिनट के लिए पंखे की सेवा का उपयोग करना चाहते हैं, उन्हें अतिरिक्त 10 रुपये का भुगतान करना होगा। चालक 12 रुपये में 500 मिलीलीटर ठंडे पानी की बोतलें भी दे रहा है। एक अन्य सूचीबद्ध सुविधा यूएसबी मोबाइल चार्जिंग सपोर्ट है जिसमें कई चार्जिंग पिन विकल्प उपलब्ध हैं, हालांकि नोटिस में उल्लेख किया गया है कि चार्जिंग सेवा के लिए अलग से शुल्क लिया जाएगा। इस अनोखे विचार की तुलना तुरंत ही ऐप-आधारित कैब सेवाओं और एयरलाइनों में आमतौर पर देखी जाने वाली प्रीमियम सुविधाओं से की जाने लगी, और कई यूजर्स ने ड्राइवर की उद्यमशीलता वाली सोच और लंबे सफर और भारी यातायात के लिए जाने जाने वाले शहर में यात्रियों के आराम को बेहतर बनाने के प्रयास की प्रशंसा की।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में मिली-जुली प्रतिक्रियाओं की बाढ़ ला दी। एक यूजर ने लिखा, "यह ऑटो सिर्फ परिवहन का साधन नहीं है, बल्कि भारत के स्मार्ट और संसाधनपूर्ण नवाचार का एक बेहतरीन उदाहरण है... बहुत कम लागत पर आराम प्रदान करना वास्तव में प्रभावशाली और प्रशंसनीय है।" एक अन्य यूजर ने सेवाओं की प्रस्तुति और ब्रांडिंग पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की, "यह प्रीमियम सेवा की बजाय सड़क किनारे मिलने वाली किसी आम उपयोगिता सेवा की तरह लग रहा है। अगर इसे लिस्टिंग के तौर पर पेश किया जा रहा है, तो इसे और स्पष्ट करने से बहुत मदद मिलेगी। अभी इसमें कीमतों, सेवाओं और शब्दों का मिश्रण असंगत सा लगता है।" तीसरे ने लिखा कि, "बेंगलुरु के ऑटो चालक इस समय कुछ एयरलाइनों की तुलना में तेजी से अपग्रेड हो रहे हैं।" एक यूजर ने पूछा कि, "मेरा एक गंभीर सवाल है, निर्माता नई गाड़ियों, खासकर इलेक्ट्रिक गाड़ियों में एसी क्यों नहीं लगाते? क्या इसका कारण गाड़ी की बढ़ती कीमत या ईंधन दक्षता में कमी है? या फिर यह डिजाइन की कोई मजबूरी है?"
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें -
ट्रेनों के कोच का रंग लाल, हरा और नीला क्यों होता है, वजह सुनकर यकीन करना मुश्किल; जानिए जवाब
मुंबई में समंदर के किनारे पड़े पत्थर कहां से आए हैं, इनका क्या काम है; जवाब हैरत में डाल देगा