जापान में एक भारतीय व्यक्ति का पहला दिन उसके लिए बेहद आश्चर्यजनक रहा क्योंकि उसने देखा कि यहां डेली लाइफ का जीवन उसके जीवन से कितना अलग है। बेदाग सड़कों से लेकर शांत मोहल्लों तक, उसके आसपास की लगभग हर चीज ने उसका ध्यान आकर्षित किया। उस व्यक्ति ने इंस्टाग्राम पर अपना अनुभव शेयर किया, जहां उसने दर्शकों को अपने आसपास के माहौल और देश में अपने पहले दिन के दौरान सामने आई छोटी-छोटी बातों की झलक दिखाई।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @thefilmychhora_ नामक हैंडल से शेयर किया गया था। उन्होंने बताया कि जापान पहुंचने के बाद उन्हें एक दिन की छुट्टी मिली थी और उन्होंने अपने घर के आस-पास के इलाके को घूमने का फैसला किया। पड़ोस में घूमते हुए उन्होंने कहा, 'यह बिल्कुल एक अलग ही दुनिया जैसा लगता है।' वीडियो में उन्होंने साफ-सुथरी सड़कों, शांत गलियों, लगभग हर कोने पर मौजूद वेंडिंग मशीनों और आस-पास के किराना स्टोरों की ओर इशारा किया। उन्होंने अपने घर के पीछे की नाली भी दिखाई जो आश्चर्यजनक रूप से साफ दिख रही थी, और कहा कि उन्होंने इसे देखने की उम्मीद नहीं की थी। इस वीडियो को "जापान से गुड मार्निंग! पहला दिन अब शुरू होता है" कैप्शन के साथ साझा किया गया था। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर 30 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है और कई लोगों ने इसमें दिखाए गए अंतरों पर अपने विचार साझा किए हैं।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो को देखने के बाद इस पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा कि, 'भाई, कृपया भारतीयों में थोड़ी सिविक सेंस जगाने में मदद करें।'
दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'भाई, आप अप्रत्यक्ष रूप से भारत का मज़ाक उड़ा रहे हैं।'
तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'एक अंतरराष्ट्रीय यात्रा से ही पता चल जाता है कि कोई देश भ्रष्टाचार और उचित कानून के बिना कैसे काम करता है।'
चौथे यूजर ने लिखा कि, 'देश के लोग सब कुछ साफ रखना जानते हैं, ये कोई जादू नहीं है, ये तो बुनियादी नागरिक बोध है जो हमारे देश के लोग नहीं समझते।'
पांचवें यूजर ने लिखा कि, 'यह देखकर अच्छा लगता है कि अधिक से अधिक लोग यह समझ रहे हैं कि एक देश कैसा होना चाहिए। यदि आप सड़कों को साफ रखते हैं, एक नागरिक और सरकार के रूप में अपना कर्तव्य निभाते हैं, तो चीजें ऐसी दिखती हैं।'
छठे यूजर ने लिखा कि, 'हमारा बिहार में होता तो पेड़ हे उखाड़ कर ले जाते।'
एक और यूजर ने लिखा कि, 'देसी भारतीय ऐसे शांत इलाके में नहीं रह सकते। हमें हॉर्न बजाने, डांटने, दोस्तों के सड़कों पर चिल्लाने की जरूरत है। यह कुछ हफ्तों के लिए ही अच्छा रहेगा।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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