Amazing Facts : भारत के कई शहरों को अब मेट्रो की कनेक्टिविटी प्रदान की जा रही है जिससे उस शहर का आवागमन सुलभ हो सके और यात्रियों को आरामदायक सफर की सुविधा। देश भर में सबसे व्यस्ततम मेट्रो नेटवर्क की बात करें तो दिल्ली मेट्रो का नाम सबसे टॉप पर आता है। एक दिन में सैकड़ों किमी से भी ज्यादा का सफर, लाखों यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाना और कुशल संचालन की इसकी पहचान है। मेट्रो में सफर करते समय क्या आपने कभी ये सोचा है कि भला इसमें AC कितने नंबर पर चलता है ? आखिर बार-बार मेट्रो का गेट खुलने के बाद भी इसमें गर्मी क्यों नहीं लगती है ? यदि आपको इसके बारे में नहीं पता है तो आज हम आपको इसके बारे में बताते हैं:
आपने गौर किया होगा भीषण गर्मी में जैसे ही मेट्रो में यात्री चढ़ते हैं तो उसके थोड़ी ही देर बाद पसीना पूरी तरह सूख जाता है। कारण- मेट्रो में चलने वाला AC. यदि आप नहीं जानते हैं तो बता दें कि, मेट्रो में लगे एसी की क्षमता की 12 टन तक हो सकती है। इसमें तकरीबन 42.2 किलोवाट तक बिजली इस्तेमाल हो सकती है। गौरतलब है कि, एक घंटे में मेट्रो का एसी 42 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करता है।
दिल्ली मेट्रो की एक पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, मेट्रो में एयर कंडीशनिंग सिस्टम के तहत स्टेशनों के अंदर CO2 के स्तर के आधार पर चलने वाले पंखों के माध्यम से यात्रियों के लिए ताजी हवा की व्यवस्था होती है।
सोशल प्लेटफॉर्म क्योरा पर एक यूजर देबज्योति बनर्जी नामक यूजर ने मेट्रो के एसी से जुड़ा बेहद रोचक फैक्ट बताया है। पोस्ट में बताया गया है कि, मेट्रो में टेम्प्रेचर सेंसर द्वारा नियंत्रित होता है। इस कोच में 52 से 56 किलोवाट की दो एचवीएसी इकाइयां होती हैं। हर स्टॉप पर दरवाजों के खुलने और बंद होने से काफी एनर्जी लॉस होता है। मेट्रो के अंदर एसी को सामान्यत: 25 डिग्री सेल्सियस पर सेट किया जाता है मगर भीड़ की वजह से इसे 27 डिग्री तक कर दिया जाता है।

दरअसल, मेट्रो के स्लाइडिंग गेट बहुत स्पीड से खुलते-बंद होते हैं। फिर भी बाहर की गर्म हवा को अंदर आने में काफी कम समय लगता है। चूंकि, मेट्रो में एसी काफी हाई-कैपेसिटी के होते हैं और जैसे ही गेट बंद होते हैं तो कुछ ही सेकंड में वे एसी ठंडी हवा छोड़कर अंदर के टेम्प्रेचर को बैलेंस कर देते हैं। गौरतलब है कि, मेट्रो कोच की बॉडी भी अच्छी इंसुलेटेड क्वालिटी की होती है इस वजह से अंदर यात्रियों को तपन भी महसूस नहीं होती है। वैसे आपको बता दें कि, ज्यादातर मेट्रो स्टेशनों पर भी एसी लगे होते हैं इस वजह से भी मेट्रो गेट खुलने पर ज्यादा गर्म हवा अंदर नहीं आ पाती है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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