अभी गर्मी का मौसम चल रहा है और इस भीषण गर्मी के बीच में अगर घर में चल रहा पंखा 1 मिनट के लिए भी बंद हो जाए तो हालत खराब हो जाती है। कुल मिलाकर बात यह है कि गर्मी के मौसम में पंखे के बिना कोई नहीं रह पाता है लेकिन आप जिस पंखे से हर रोज हवा खाते हैं, उसके ब्लेड पर कभी गौर किया है? आपने देखा होगा कि आपके पंखे में कुल तीन ब्लेड होंगे। सिर्फ आपका पंखा ही नहीं, अधिकतर या फिर सभी के पंखे में आप तीन ब्लेड ही देखेंगे और यही पर सवाल उठता है कि अधिकतर पंखों में तीन ब्लेड ही क्यों लगे होते हैं। आइए हम आपको इसके बारे में बताते हैं।
पंखे में तीन ब्लेड के होने का क्या कारण है?
आपको बता दें कि किसी भी मशीन के डिजाइन के पीछे लागत, क्षमता और पावर, ये तीन सबसे अहम कारण होते हैं और यही नियम पंखे के ब्लेड के डिजाइन पर भी लागू होता है। आपको बता दें कि पंखे में ब्लेड की संख्या बढ़ने पर हवा का बहाव तो बढ़ता है मगर इसके साथ ही साथ हवा की रुकावट (रेज़िस्टेंस) भी बढ़ जाती है। अगर आम भाषा में आपको बताएं तो तीन ब्लेड वाला पंखा ज्यादा ब्लेड वाले पंखों जितना ही अच्छा काम करता है और इसके साथ ही यह ज्यादा किफायती भी होता है।
आपको बता दें कि 3 ब्लेड वाले सीलिंग फ़ैन में हवा का बहाव थोड़ा कम होता है मगर कम एरोडायनामिक रुकावट के कारण यह ज्यादा तेजी से घूमता है। यह आम तौर पर सस्ता होता है और इसलिए यह एक किफायती ऑप्शन बन जाता है। यही वजह है कि तीन-ब्लेड वाला पंखा सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। वैसे आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि दो, चार या छह ब्लेड वाले पंखे भी होते हैं।
नोट: इस आर्टिकल में दी गई सारी जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट्स पर आधारित है और इंडिया टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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