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जादवपुर यूनिवर्सिटी के अंदर ही 'यादवपुर' को लिखा 'हिडमा नगर', छात्रों के संगठन ने किया था सम्मेलन

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Dec 01, 2025 06:47 am IST,  Updated : Dec 01, 2025 10:53 am IST

जादवपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों के एक संगठन ने कार्यक्रम के दौरान जादवपुर को हिडमा नगर लिखा। इसके अलावा उन्होंने कोलकाता का नाम 'कोटेश्वर राव नगर' और सभागार का नाम 'बसवराजू सभागार' रखा। इस घटना के बाद से यूनिवर्सिटी में विवाद खड़ा हो गया है।

जादवपुर यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ विवाद।- India TV Hindi
जादवपुर यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ विवाद। Image Source : X

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की जादवपुर यूनिवर्सिटी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां वामपंथी छात्र संगठन आरएसएफ ने अपने राज्य सम्मेलन का आयोजन किया था। इस दौरान संगठन ने आयोजन स्थल का नाम प्रतीकात्मक रूप से सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए माओवादी नेताओं के नाम पर रख दिया। इस घटना को लेकर विवाद शुरू हो गया है। दरअसल कार्यक्रम का आयोजन चौबीस नवंबर को शुरू हुआ जो तीन दिनों तक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन छात्रों के संगठन 'द रिवोल्यूशनरी स्टूडेंट्स फ्रंट्स' ने कोलकाता स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में किया था।

माओवादी नेताओं के नाम पर किया नामकरण

विवाद इस बात को लेकर शुरू हुआ कि कार्यक्रम के दौरान जादवपुर का नाम 'हिडमा नगर', कोलकाता का नाम 'कोटेश्वर राव नगर' और सभागार का नाम 'बसवराजू सभागार' रखा गया। बता दें कि भाकपा (माओवादी) का 'कमांडर' माडवी हिडमा हाल ही में 18 नवंबर को आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। वहीं भाकपा (माओवादी) का ताकतवर महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ ​​बसवराजू मई में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में एक मुठभेड़ में मारा गया था। वहीं, कोटेश्वर राव उर्फ ​​किशनजी की 2011 में पश्चिम बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र के बुरीशोल गांव में हत्या कर दी गई थी। 

आरएसएफ ने दी सफाई

हालांकि आरएसएफ के महासचिव तथागत रॉय चौधरी ने दावा किया, "नामकरण प्रतीकात्मक था और सम्मेलन में ऐसी कोई चर्चा या बहस नहीं हुई, जिससे किसी अलगाववादी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधि का संकेत मिलता हो।” विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संगठन को सम्मेलन के लिए नियमों के अनुसार अनुमति दी गई थी। उन्होंने कहा, “हमें नहीं पता था कि सम्मेलन के दौरान क्या घटित होगा।” एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम के बारे में जानकारी एकत्र कर ली गई है। उन्होंने कहा, “हम मामले पर नजर रख रहे हैं। यह विश्वविद्यालय का आंतरिक मामला है और हम इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते।” (इनपुट- पीटीआई)

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