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आर्थिक तंगी से परेशान दंपति ने लगाई फांसी, पंखे से लटका मिला शव, पुलिस जांच में जुटी

 Published : Jul 27, 2025 10:54 pm IST,  Updated : Jul 27, 2025 11:23 pm IST

पुलिस जब घटना स्थल-गली नंबर 44, रैगरपुरा, करोल बाग पहुंची तो पति और पत्नी दोनों को छत के पंखे से लटका हुआ पाया। इन दोनों की पहचान देबू भौमिक और मल्लिका भौमिक के तौर पर हुई।

दंपति ने खुदकुशी की- India TV Hindi
दंपति ने खुदकुशी की Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली:  पश्चिम बंगाल के रहने वाले एक दंपति ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर खुदकुशी कर ली। दोनों का शव पंखे से लटका हुआ पाया गया। यह घटना देश की राजधानी दिल्ली में हुई। दिल्ली पुलिस के मुताबिक करोल बाग में एक पीसीआर कॉल मिली। कॉल करने वाले ने बताया कि एक पति-पत्नी ने फांसी लगा ली है। 

मृतक दंपति की पहचान हुई

पुलिस जब घटना स्थल-गली नंबर 44, रैगरपुरा, करोल बाग पहुंची तो पति और पत्नी दोनों को छत के पंखे से लटका हुआ पाया। इन दोनों की पहचान देबू भौमिक और ग्राम काशीनाथपुर, ब्लॉक दासपुर जिला पश्चिम मेदिनीपुर पश्चिम बंगाल और पत्नी मल्लिका भौमिक निवासी ग्राम काशीनाथपुर, ब्लॉक दासपुर जिला पश्चिम मेदिनीपुर पश्चिम बंगाल  के तौर पर हुई। देबू भौमिक की उम्र 36 वर्ष और मल्लिका भौमिक की उम्र 32 वर्ष थी।

दंपति की 7 साल की बेटी कहां है?

जानकारी के मुताबिक दोनों पिछले 4 महीनों से 8000 प्रति माह के किराए पर एच. नंबर 4841, तीसरी मंजिल, गली नंबर 44, रैगरपुरा करोल बाग दिल्ली में रह रहे थे। जांच पड़ताल में पता चला कि देबू भौमिक और मल्लिका की एक सात साल की बेटी भी है। वह पश्चिम बंगाल में ही रह रही है। 

ज्वैलरी बनाने का काम करता था मृतक

बताया जाता है कि देबू भौमिक मजदूरी के आधार पर सोने की ज्वैलरी बनाने और कढ़ाई का काम करता था। घटनास्थल पर क्राइम ब्रांच और एफएसएल की टीम भी पहुंची। घटनास्थल की तस्वीरें ली गई और निरीक्षण किया गया। शुरुआती जांच में शवों पर बाहरी चोट या किसी तरह की हिंसा के कोई निशान नहीं मिले हैं। साथ ही कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। दोनों शवों को मोर्चरी में रखा गया है।

चिंताजनक सामाजिक मुद्दा 

बता दें कि भारत में आत्महत्या एक गंभीर और चिंताजनक सामाजिक मुद्दा बना हुआ है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में आत्महत्या की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। एनसीआरबी की रिपोर्ट "एक्सीडेंटल डेथ्स एंड सुसाइड्स इन इंडिया" के 2022 संस्करण के अनुसार, उस वर्ष देश भर में 1,70,924 लोगों ने आत्महत्या की। यह आंकड़ा 2021 में दर्ज 1,64,033 मामलों से अधिक है। 2022 में आत्महत्या की दर प्रति एक लाख जनसंख्या पर 12.4 थी।

आत्महत्या के पीछे के कारणों में पारिवारिक समस्याएं (विवाह संबंधी मुद्दों सहित) और गंभीर बीमारियां सबसे बड़े कारक के रूप में सामने आई हैं। कुल आत्महत्याओं में पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में काफी अधिक है। छात्रों में आत्महत्या के मामले भी एक गंभीर चिंता का विषय हैं। आत्महत्या के मामलों में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक देश के सबसे प्रभावित राज्यों में से हैं।

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