कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा संग हुए रेप मामले में भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा, "तथ्य अभी भी सामने नहीं आ रहे हैं, और टीएमसी उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है। टीएमसी के छात्र नेता ही दोषी हैं। वे 10-11 साल से लॉ कॉलेज में हैं। पास आउट होने के बाद भी वे वहां नेता हैं। घटना को सामने लाना फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जिम्मेदारी है। देश जानना चाहता है कि ऐसी घटना कैसे हुई। अपराधी को भी सजा मिलनी चाहिए। ममता बनर्जी और उनकी पार्टी अभी भी आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। लोग डरे हुए हैं कि सरकार मुख्य अपराधी को बचाने की कोशिश कर रही है। हो सकता है कि वे उसे बचा लें, और किसी और को सजा मिल जाए। ऐसा नहीं होना चाहिए, यह बहुत शर्मनाक है।"
क्या बोले दिलीप घोष
दिलीप घोष ने कहा, 'टीएमसी का वो छात्र नेता है। जो लोग दोषी हैं वो 10-10 साल से लॉ कॉलेज में हैं और फिर वहां के कर्मचारी बन जाते हैं। एक लॉयर चौथे स्तर का कर्मचारी कैसे बन सकता है। बंगाल में कॉलेज, यूनिवर्सिटी में चुनाव नहीं हो रहा है। यहां स्टूडेंट यूनियन नहीं है। फिर भी हर कॉलेज में स्टूडेंट यूनियन का रूम बना हुआ है और वहां छात्र नेताओं की तस्वीरें लगी हुई हैं। इसलिए उसे बंद करना चाहिए क्योंकि वहां जो बुरे काम होते हैं। उस लिहाज से उसे बंद करना चाहिए। लोगों के अंदर इसे लेकर डर है। छुट्टी के दिन किसी लड़की को बुलाना ये पूरी योजना के तहत हुआ है। उसे कॉलेज के अंदर बंद करके रखना, सांस बंद हो रहा था तो उसे इनहेलर देना। ये कितना अमानवी है। फिर भी ममता बनर्जी उसे बचाने का प्रयास कर रही हैं।'
क्या है पूरा मामला?
दिलीप घोष ने कहा कि लोगों को इसका डर है कि कहीं आरजीकर की तरह मुख्य आरोपी को ना बचा लिया जाए, जो कि बंगाल सरकार कर रही है। यह बंगाल के लिए शर्म की बात है। बंगाल की सरकार और हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए शर्म की बात है। बता दें कि बीते दिनों कोलकाता के न्यू कस्बा लॉ कॉलेज में एक लॉ की छात्रा संग रेप की घटना सामने आई थी। इसके बाद कोलकाता पुलिस ने एक्शन लेते हुए आनन-फानन में मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा समेत कुल 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा पुलिस ने गार्ड को भी गिरफ्तार किया है। बता दें दि फिलहाल तीनों आरोपियों को 8 जून तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।