दुर्गापुर के कविगुरु इलाके के एक होटल में आठवीं कक्षा की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दुर्गापुर थाना पुलिस ने सोमवार को बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस ने गिरफ्तार महिला मास्टरमाइंड, होटल मैनेजर और दो अन्य मुख्य आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच दुर्गापुर उप-मंडलीय अदालत में पेश किया। इस जघन्य अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अदालत से आरोपियों की पुलिस हिरासत मांगी है ताकि वारदात की कड़ियों को जोड़कर आगे की जांच की जा सके।
अदालत में पेश किए गए आरोपियों में पीड़िता को बहला-फुसलाकर नशा देने वाली मुख्य आरोपी सिमरन तामांग, सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी अजहरुद्दीन मल्लिक और सुबीर दास और संबंधित होटल का मैनेजर राजकुमार दे शामिल हैं। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अदालत के समक्ष दलील दी कि यह अपराध एक नाबालिग के खिलाफ सोची-समझी साजिश के तहत किया गया है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि मामले की तह तक जाने के लिए आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करना बेहद जरूरी है। पुलिस मुख्य रूप से यह पता लगाना चाहती है कि पीड़िता को बेहोश करने के लिए इस्तेमाल की गई नशीली दवा कहां से आई थी। इसके साथ ही पुलिस होटल मैनेजर राजकुमार दे की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसने बिना किसी वैध पहचान पत्र और उचित वेरिफिकेशन के एक नाबालिग को होटल के कमरे में ले जाने की अनुमति देकर इस अपराध में सहयोग किया।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब बुदबुद इलाके की रहने वाली सिमरन तामांग नाम की युवती पर अपनी ही जान-पहचान की एक आठवीं की छात्रा को फुसलाकर दुर्गापुर ले जाने का आरोप लगा। वहां छात्रा को जबरन शराब में नशीली दवा मिलाकर पिलाई गई और उसके बेहोश होने के बाद होटल में उसके साथ गैंगरेप किया गया। वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को बुदबुद बाईपास पर लावारिस छोड़कर भाग गए थे, जिसे बाद में एक टोटो चालक ने सुरक्षित घर पहुंचाया था। इस घटना को लेकर सोमवार को दुर्गापुर कोर्ट परिसर में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल देखा गया, जहां पुलिस की विशेष टीम कड़ी सुरक्षा घेरे में चारों आरोपियों को लेकर कोर्ट रूम में दाखिल हुई।
रिपोर्टर इनपुट: Anirban