कोलकाताः पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ सकती है। अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के मामले में मामला दर्ज की गई है। अभिषेक पर विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य पुलिस की ओर से अभिषेक बनर्जी के खिलाफ यह संभवतः पहली FIR है।
अभिषेक बनर्जी पर इन धाराओं में केस दर्ज
टीएमसी सांसद पर 5 धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अभिषक पर धारा 192: दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना (जमानती), धारा 196: समूहों के बीच दुश्मनी और नफरत फैलाना (गैर-जमानती), धारा 351(2): आपराधिक धमकी और डर फैलाकर सौहार्द बिगाड़ना (गैर-जमानती), धारा 353(1)(c): झूठे या भ्रामक बयान और अफवाह फैलाना (जमानती), चुनाव कानून: जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 123(2) और भाषणों से मतदाताओं पर दबाव बनाने और प्रभावित करने का आरोप।
बिधाननगर नॉर्थ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज
दरअसल, 5 मई को सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार ने बिधाननगर नॉर्थ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र के सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की विभिन्न राजनीतिक रैलियों और चुनाव प्रचार के दौरान धमकी भरे और भड़काऊ भाषण दिए, जिनसे कथित रूप से हिंसा भड़कने, शत्रुता फैलने और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका उत्पन्न हुई। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि ये बयान फेसबुक पेज ‘Abhishek Banerjee Official’ और अन्य सोशल मीडिया/समाचार प्लेटफॉर्मों के माध्यम से प्रसारित किए गए।
शिकायतकर्ता ने विशेष रूप से मार्च-अप्रैल 2026 के दौरान महेशतला, आरामबाग, हरिंघाटा और नंदीग्राम रैलियों में दिए गए भाषणों का उल्लेख किया, जिनमें आरोपी ने कथित रूप से विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ताओं को धमकी दी, जिससे सार्वजनिक अव्यवस्था और राजनीतिक अशांति फैलने की संभावना थी। राजीव सरकार ने शिकायत के साथ कई भाषणों के लिंक भी जमा किए हैं।
पुलिस ने 15 मई को दर्ज की एफआईआर
पुलिस ने 15 मई को दोपहर 2:45 बजे बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192, 196, 351(2) और 353(1)(c) के तहत, साथ ही जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(2) और 125 के तहत दर्ज किया गया है।
FIR में कहा गया है कि इन भाषणों में कथित तौर पर ऐसा भड़काऊ, धमकी भरा और उत्तेजक कंटेंट था, जिससे सार्वजनिक अव्यवस्था फैल सकती थी और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया। सब-इंस्पेक्टर सोमनाथ सिंहा रॉय को इस मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है।