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बंगाल गवर्नर बोले- मैं राजभवन में तैनात पुलिस के साथ सुरक्षित नहीं, CM को बताने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

 Published : Jun 20, 2024 11:59 am IST,  Updated : Jun 20, 2024 11:59 am IST

राज्यपाल सीवी बोस ने हाल ही में पुलिसकर्मियों को राजभवन परिसर खाली करने का आदेश दिया था, जिसके कुछ दिनों बाद यह बयान आया है। हालांकि, पुलिसकर्मी अभी भी राज्यपाल भवन में तैनात हैं।

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सीएम ममता बनर्जी और राज्यपाल सीवी आनंद बोस Image Source : FILE PHOTO

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने गुरुवार को कहा कि उन्हें राजभवन में तैनात कोलकाता पुलिस के मौजूदा दल की वजह से अपनी सुरक्षा को खतरा होने का अंदेशा है। बोस ने हाल ही में पुलिस कर्मियों को राजभवन परिसर खाली करने का आदेश दिया था, जिसके कुछ दिनों बाद यह बयान आया है। हालांकि, पुलिसकर्मी अभी भी राज्यपाल भवन में तैनात हैं। बोस ने कहा, ''मेरे पास कारण हैं, जिनकी वजह से मुझे लगता है कि मौजूदा प्रभारी और उनका दल मेरी निजी सुरक्षा के लिए खतरा है।''

राज्यपाल ने पुलिसकर्मियों द्वारा जासूसी किए जाने की शिकायत की

उन्होंने कहा, ''मैंने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सूचित किया कि राजभवन में कोलकाता पुलिस के साथ मैं असुरक्षित महसूस कर रहा हूं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।'' राज्यपाल भवन के सूत्रों ने बताया कि बोस ने राज्य सरकार से राजभवन में तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा लगातार जासूसी किए जाने की शिकायत की और उन्हें लगता है कि वे बाहर के 'प्रभावशाली लोगों' के कहने पर ऐसा कर रहे हैं।

राजभवन में तैनात पुलिस को तुरंत परिसर खाली करने आदेश

बता दें कि राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने सोमवार सुबह राजभवन में तैनात कोलकाता पुलिस के कर्मियों को तत्काल परिसर खाली करने का आदेश दिया था। अधिकारी ने बताया था कि बोस राजभवन के उत्तरी द्वार के पास स्थित पुलिस चौकी को 'जन मंच' में बदलने की योजना बना रहे हैं। अधिकारी ने बताया, ''राज्यपाल ने प्रभारी अधिकारी सहित राजभवन के अंदर तैनात पुलिस अधिकारियों को तत्काल परिसर खाली करने का आदेश दिया है।''

शुभेंदु अधिकारी को राजभवन में प्रवेश से रोका था

कुछ दिन पहले पुलिस ने भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी और राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा के कथित पीड़ितों को बोस से मिलने के लिए राजभवन में प्रवेश करने से रोक दिया था, जबकि राज्यपाल ने इसके लिए लिखित अनुमति दी थी। इसके बाद राज्यपाल का यह आदेश आया था। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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