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ट्रांसजेंडर लोगों को सरकारी नौकरी में मिलेगा एक प्रतिशत आरक्षण, हाई कोर्ट ने दिया आदेश

Edited By: Amar Deep Published : Jun 16, 2024 09:42 pm IST, Updated : Jun 16, 2024 09:42 pm IST

कलकत्ता हाई कोर्ट ने ट्रांसजेंडर लोगों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि ट्रांसजेंडर लोगों को सरकारी नौकरी में एक प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए। बता दें कि हाई कोर्ट ने ये आदेश एक ट्रांसजेंडर की याचिका पर दिया है।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने दिया आदेश।- India TV Hindi
Image Source : PTI कलकत्ता हाई कोर्ट ने दिया आदेश।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य में सभी सरकारी नौकरियों में ट्रांसजेंडर के लिए एक प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार ने ट्रांसजेंडर के लिए रोजगार में समान व्यवहार की नीति अपनाई है। हालांकि, अभी तक उनके लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया है। न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा ने पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव को सभी सरकारी नौकरियों में ट्रांसजेंडर के लिए एक प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

टांसजेंडर की याचिका पर दिया आदेश

बता दें कि हाई कोर्ट का यह आदेश एक ट्रांसजेंडर की याचिका पर आया, जिसने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2014 और TET 2022 में भी सफलता प्राप्त की, लेकिन उसे काउंसलिंग या साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया। शुक्रवार को पारित आदेश में न्यायमूर्ति मंथा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2014 के एक मामले में कहा था कि लैंगिक मामले में पुरुष और महिला के अलावा 'हिजड़ा' और ‘किन्नर’ को संविधान के भाग तीन के तहत उनके अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से "तृतीय लिंग" के रूप में माना जाना चाहिए। 

मुख्य सचिव ने जारी अधिसूचना की दी जानकारी

न्यायमूर्ति मंथा ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को उन्हें सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े नागरिकों के रूप में मानने के लिए कदम उठाने और "शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के मामलों में और सरकारी नियुक्तियों के लिए सभी प्रकार के आरक्षण का विस्तार करने" का निर्देश दिया था। पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव ने हाई कोर्ट को सूचित किया था कि राज्य के महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग ने 30 नवंबर, 2022 को एक अधिसूचना जारी की थी कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के रोजगार के समान अवसर के हकदार हैं। 

राज्य सरकार ने अपनाई समान व्यवहार की नीति

कोर्ट ने कहा कि अधिसूचना से यह स्पष्ट है कि राज्य ने स्वयं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए रोजगार में समान व्यवहार की नीति अपनायी है। न्यायमूर्ति मंथा ने कहा कि हालांकि, उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार राज्य में अभी तक ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए आरक्षण नहीं किया गया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव को विशेष मामले के रूप में याचिकाकर्ता के साक्षात्कार और काउंसलिंग की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। (इनपुट- भाषा)

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