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UN में आतंकवाद के खिलाफ गरजा भारत, ISIS और अल-कायदा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होने का आह्वान

 Published : Mar 05, 2026 09:43 am IST,  Updated : Mar 05, 2026 09:43 am IST

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को एकजुट होकर कार्रवाई का आह्वान किया है। भारत ने कहा है कि आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए घातक है।

संयुक्त राष्ट्र। - India TV Hindi
संयुक्त राष्ट्र। Image Source : AP

संयुक्त राष्ट्र: भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। इसके तहत भारत ने ISIS और अल-कायदा समेत उनके प्रॉक्सी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एक साथ कार्रवाई करने का आह्वान किया है। भारत ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक "अस्तित्वगत खतरा" है।संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघू पुरी ने बुधवार को कहा कि यह किसी सीमा, राष्ट्रीयता या नस्ल को नहीं जानता, और यह एक ऐसी चुनौती है जिसका मुकाबला अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सामूहिक रूप से करना होगा।  

कश्मीर के पहलगाम में लश्कर-ए-तैय्यबा का बताया रोल

संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद निरोधक कार्यालय (UNOCT) की सदस्य राज्यों के लिए वार्षिक राजदूत स्तर की बैठक में दिए गए अपने बयान में पुरी ने अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को याद किया, जिसे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एक संयुक्त राष्ट्र द्वारा सूचीबद्ध आतंकी संगठन) के प्रॉक्सी 'द रेसिस्टेंस फ्रंट' ने अंजाम दिया था। इस आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई। उन्होंने कहा-"हमें ISIS और अल-कायदा तथा उनके प्रॉक्सी के खिलाफ एक साथ कार्रवाई करनी होगी। 

3 दशकों से भारत आतंकवाद का शिकार

रघू पुरी ने कहा कि पिछले लगभग तीन दशकों से सीमा पार आतंकवाद का शिकार होने वाले देश के रूप में "भारत आतंकवाद की सामाजिक-आर्थिक और मानवीय लागत से, खासकर इसके पीड़ितों के लिए, अच्छी तरह वाकिफ है। भारत ने वैश्विक आतंकवाद निरोधक रणनीति (GCTS) को बहुपक्षीय सहयोग के लिए केंद्रीय उपकरण के रूप में महत्वपूर्ण बताते हुए अपनी आवाज़ जोड़ी।  पुरी ने कहा कि भारत GCTS की 9वीं समीक्षा के लिए विचार-विमर्श में दृढ़ और सक्रिय रहेगा, और इस प्रक्रिया में सह-समन्वयकों फिनलैंड और मोरक्को को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।  पुरी ने यह भी उजागर किया कि 2022 में आतंकवाद निरोधक समिति के अध्यक्ष के रूप में भारत ने इन सिद्धांतों को संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद निरोधक ढांचे और संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद पर बहस में लाने का प्रयास किया। 

आतंकियों द्वारा टेक्नोलॉजी का उपयोग चिंताजनक

भारत ने कहा है कि आतंकवादियों के हाथ में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का जाना पूरी दुनिया के लिए चिंताजनक हो सकता है। इसलिए इसको अभी से रोकना होगा। भारत ने कहा कि "न्यूयॉर्क और दुनिया भर में इस बारे में हमारी अनुवर्ती पहलें हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं," जिसमें आतंकी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग का मुकाबला करने से संबंधित एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ बनाने की दिल्ली की घोषणा शामिल है। पुरी ने इसे कई सदस्य देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।  अक्टूबर 2022 में, सुरक्षा परिषद की आतंकवाद निरोधक समिति (CTC), जिसकी अध्यक्षता उस वर्ष भारत ने की थी। इस दौरान नई दिल्ली और मुंबई में 'आतंकी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग का मुकाबला' विषय पर एक विशेष बैठक आयोजित की थी। परिणामस्वरूप समिति ने आतंकी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग का मुकाबला करने पर 'दिल्ली घोषणा' को अपनाया। 

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