पश्चिम बंगाल के माथाभंगा से एक टीएमसी नेता का वीडियो सामने आया है, जो बेड के नीचे छिपा हुआ है। वहीं, स्थानीय लोग उसके घर को घेरकर खड़े हैं और अपनी कट मनी वापस मांग रहे हैं। कट मनी वह पैसा होता था, जो सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों से लिया जाता था। पैसा लेने वाले लोग दबंग प्रवृत्ति के होते थे और खुद को टीएमसी का नेता या कार्यकर्ता बताते थे। माथाभंगा से पहले भी टीएमसी के कई नेताओं से पैसे मांगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुछ मामलों में टीएमसी से जुड़े लोगों ने पैसा लौटाया भी है।
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने माथाभंगा का वीडियो एक्स पर पोस्ट कर टीएमसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हैं कि पुलिस को टीएमसी से जुड़े लोगों को रेस्क्यू करना पड़ रहा है।
अमित मालवीय का पोस्ट
अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा, "पश्चिम बंगाल में कट-मनी स्कैम अब सीधे-सीधे राजनीतिक तमाशे जैसा नजारा दिखा रहा है। कूच बिहार के माथाभांगा में, स्थानीय लोगों ने टीएमसी नेता शाहिदुल मिया के घर को घेर लिया, उन पर सरकारी आवास योजनाओं के लाभार्थियों से ₹5,000 से ₹20,000 के बीच वसूली करने का आरोप लगाया। जब लोगों का गुस्सा भड़का, तो टीएमसी नेता गुस्से में भीड़ से बचने के लिए अपने बिस्तर के नीचे छिप गए। आखिरकार, पुलिस को उन्हें बचाना पड़ा। काकद्वीप से नामखाना और अब माथाभांगा तक, कहानी वही है- कट-मनी, भ्रष्टाचार और दहशत। जैसे-जैसे जांच सख्त हो रही है और गिरफ्तारियां बढ़ रही हैं, जो लोग कभी गरीबों का शोषण करते थे, उनके लिए बिस्तर के नीचे भी छिपना मुश्किल होता जा रहा है।"
अन्य जगहों में ऐसी घटनाएं
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद माथाभंगा के विभिन्न इलाकों में टीएमसी समर्थित स्थानीय दबंगों से कट मनी को वापस करने की मांग तेज हो गई। बताया जाता है कि दबाव बढ़ने पर संबंधित लोगों ने कुछ राशि लौटाई भी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, माथाभंगा के सुभाषपल्ली इलाके में आवास योजना के लाभार्थियों को उनसे लिया गया कमीशन वापस कर दिया गया है। भाजपा के एक स्थानीय नेता ने बताया, ''सोमवार को पैसे वापस मिलने के बाद उनमें से कुछ ने स्थानीय मंदिर में पूजा-अर्चना की।'' माथाभंगा उपमंडल के अंतर्गत पचगढ़ पंचायत के फकीरेरकुठी गांव में रविवार को कई लोगों को उनकी रकम नकद में वापस मिली। ग्रामीणों और व्यापारियों का दावा है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी की जीत के बाद उन्हें आवास योजना के तहत लाभ पाने, जमीन या मकान की खरीद-बिक्री करने अथवा कारोबार चलाने के लिए स्थानीय दबंगों को 'कट मनी' देनी पड़ती थी।
लाउडस्पीकर से पैसे लौटाने का ऐलान
भाजपा नेता सुरेंद्र बर्मन ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों को 'कट मनी' देने के लिए मजबूर किया जाता था। ऐसा नहीं करने पर उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाता था या फिर जमीन की खरीद-बिक्री करने से रोका जाता था। उन्होंने कहा, ''रविवार को ग्रामीणों को रकम का एक हिस्सा वापस कर दिया गया।'' कूचबिहार जिले के माथाभंगा उपमंडल के घुघुमारी इलाके में रिक्शे पर लगे लाउडस्पीकर के जरिए घोषणा की गई कि एक क्षेत्र के उन ग्रामीणों से आवास योजना के तहत मकान के लिए आवेदन करने के बदले जो कमीशन लिया गया था, उसे चार जून को पंचायत सदस्य के आवास से वापस किया जाएगा।
यह भी पढ़ें-
'अभिषेक बनर्जी को चोरों की तरह पीटा गया', तृणमूल नेता ऋतब्रत बनर्जी का बड़ा बयान