नंदीग्राम विधानसभा सीट, ये सीट पश्चिम बंगाल की राजनीति का वो केंद्र, जिसने कई बार सत्ता की तकदीर बदल दी है। इस सीट पर इस बार भी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा जिसमें भारतीय जनता पार्टी के खेमे में रहे और कभी शुभेंदु अधिकारी के सबसे खास सिपाही और उनके कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले पवित्र कर ने पाला बदलकर उन्हें ही नंदीग्राम से चुनौती दे डाली है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के टिकट पर नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ रहे पबित्र कर शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ सीधे चुनाव मैदान में उतर आए हैं। शुभेंदु अधिकारी और पबित्र कर के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।
क्या टीएमसी के पबित्र कर शुभेंदु अधिकारी को देंगे मात
नंदीग्राम में अब तक 15 बार विधान सभा चुनाव हो चुके हैं, जिसमें कभी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का जबरदस्त दबदबा रहा और उसने नौ बार यहां जीत दर्ज की थी। उसके बाद बारी बारी से कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने भी इस सीट पर जीत दर्ज की है और यहां से दो-दो बार जीत हासिल की है, जबकि भाजपा के लिए साल 2021 की जीत इस क्षेत्र में पहली चुनावी सफलता थी। अब इस बार 2026 की चुनावी जंग में नंदीग्राम में टीएमसी के पबित्र कर बड़ी उलटफेर कर पाते हैं या फिर शुभेंदु अधिकारी ही इस सीट को जीत ले जाएंगे।
पबित्र कर का बड़ा बयान
पबित्र कर ने साफ-साफ कहा कि आज भाजपा में कार्यकर्ताओं की बात सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नंदीग्राम में राजनीतिक द्वेष के कारण लोगों पर झूठे केस लादे जा रहे हैं और जनता इस बोझ से अब थक चुकी है।उन्होंने कहा, तृणमूल कांग्रेस मेरा पुराना घर है और मैं बस अपने घर वापस लौटा हूं। साथ ही पबित्र ने कहा कि शुभेंदु के साथ उनके निजी रिश्ते उतने कड़वे नहीं हैं, जितना लोग कयास लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, 2021 में शुभेंदु अधिकारी की जो जीत हुई थी, उसके पीछे वो संगठन था। मैं शुभेंदु के सामने सिर झुकाने वाला आदमी नहीं हूं।
नंदीग्राम सीट से शुभेंदु ने ममता को हराया है
नंदीग्राम में साल 2021 में यह इलाका एक बार फिर पूरे देश की सुर्खियों में तब आया, जब ममता बनर्जी ने अपने पूर्व सहयोगी शुभेंदु अधिकारी को उनके ही घर में चुनौती देने के लिए अपनी पुरानी भवानीपुर सीट छोड़ दी और नंदीग्राम से मैदान में उतर गईं। उस ऐतिहासिक और बेहद रोमांचक मुकाबले में ममता बनर्जी को महज 1,956 वोटों के बहुत ही मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।