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आरजी कर: ‘नबान्न’ मार्च के दौरान पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

 Published : Aug 09, 2025 03:04 pm IST,  Updated : Aug 09, 2025 03:04 pm IST

‘नबान्न’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर भारी पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्ड के जवान और यहां तक कि वाटर कैनन तैनात किए गए थे।

‘नबान्न’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज- India TV Hindi
‘नबान्न’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज Image Source : ANI

कोलकाता: सरकारी आरजी कर अस्पताल में एक चिकित्सक की कथित दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना की बरसी पर पश्चिम बंगाल सचिवालय तक मार्च में हिस्सा ले रहे प्रदर्शनकारियों का एक समूह शनिवार को हावड़ा जिले के सांतरागाछी पहुंच गया और वहां पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधकों को पार करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। ‘नबान्न’ चलो अभियान’ के तहत प्रदर्शनकारियों ने मृत चिकित्सक के लिए न्याय की मांग की और पुलिस अवरोधक के बावजूद राज्य सचिवालय तक पहुंचने का अपना संकल्प व्यक्त किया। एक प्रदर्शनकारी को यह कहते सुना गया, ‘‘पुलिस हम पर गोली चला सकती है, लेकिन हम ‘नबान्न’ पहुंचने के लिए दृढ़ हैं, जहां राज्य सरकार को जवाब देना होगा कि एक साल बाद भी ‘अभया (आर जी कर कांड में जान गंवाने वाली चिकित्सक के लिए प्रतीकात्मक नाम) ’ को न्याय क्यों नहीं मिला।’’ 

पुलिस प्रदर्शनकारियों को कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाउडस्पीकर के जरिए लगातार सूचित कर रही थी लेकिन प्रदर्शनकारी 10 फुट ऊंचे अवरोधक पार करने की कोशिश करते दिखे। कुछ प्रदर्शनकारियों को अवरोधकों को तोड़ने और उसे पार करने के लिए भारी औजारों का इस्तेमाल करते भी देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने तिरंगे के अलावा महिला चिकित्सक के लिए न्याय और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर और बैनर लिये हुए थे। 

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर भारी पुलिस बल, त्वरित प्रतिक्रिया बल के जवान और यहां तक कि वाटर कैनन तैनात किए गए। मृत डॉक्टर के माता-पिता ने लोगों से ‘नबान्न’ तक मार्च में शामिल होने की अपील की जबकि विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से बिना किसी पार्टी के झंडे के जुलूस में शामिल होने की अपील की। इस बीच, अधिकारी भाजपा के कुछ विधायकों के साथ कोलकाता के मध्य इलाके ‘एस्प्लेनेड स्थित डोरीना क्रॉसिंग’ पहुंचे और वहां चिकित्सक के माता-पिता के साथ शामिल हुए। 

इस दौरान भाजपा के बैनर, झंडे या पार्टी के किसी अन्य चिह्न का इस्तेमाल नहीं किया गया। अधिकारी ने कहा, ‘‘ममता बनर्जी प्रशासन विरोध प्रदर्शन में उमड़ी इस भारी भीड़ से डर रहा है।’’ हावड़ा और कोलकाता दोनों जगहों पर सभा स्थलों लगातार भीड़ बढ़ रही है लेकिन पुलिस प्रदर्शनकारियों को पश्चिम बंगाल सचिवालय के पास तक पहुंचने नहीं दे रही है। मृत चिकित्सक के पिता ने आरोप लगाया, ‘‘उच्च न्यायालय द्वारा शांतिपूर्ण विरोध रैली निकालने की अनुमति दिए जाने के बावजूद पुलिस हमारे साथ सहयोग नहीं कर रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने रास्ते में कई जगहों पर लोगों के वाहनों को रोककर उन्हें सभा स्थल तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की।’’ 

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