1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. किसकी होगी तृणमूल? सोमवार को चुनाव आयोग के सामने होंगे ममता और ऋतब्रत गुट

किसकी होगी तृणमूल? सोमवार को चुनाव आयोग के सामने होंगे ममता और ऋतब्रत गुट

 Published : Jul 05, 2026 11:35 pm IST,  Updated : Jul 06, 2026 12:00 am IST

विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी में बढ़ी बगावत के कारण दोनों विरोधी गुट अब पार्टी के नाम, संगठनात्मक ढांचे और मशहूर चुनाव चिह्न पर अपना दावा पेश करने के लिए चुनाव आयोग के सामने होंगे।

Mamata, ritubrata- India TV Hindi
ममता और ऋतब्रत Image Source : PTI

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस अपनी स्थापना के बाद से सबसे बड़े संकट के दौर से गुजर रही है। पार्टी पर नियंत्रण की लड़ाई सोमवार को एक निर्णायक दौर में पहुंचने वाली है।  पार्टी के नाम, प्रसिद्ध 'घास-फूल' चुनाव चिह्न और संगठनात्मक ढांचे पर अपना-अपना दावा पेश करने के लिए दोनों विरोधी गुट निर्वाचन आयोग (EC) के समक्ष दस्तावेज पेश करेंगे। पार्टी के 28 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब राजनीतिक वैधता और संगठनात्मक नियंत्रण के लिए इस तरह का मुकाबला हो रहा है। दोनों ही पक्ष खुद को "असली" तृणमूल कांग्रेस के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं। 

दोनों गुटों ने ठोका दावा

पिछले हफ़्ते विरोधी गुटों की शुरुआती दलीलें सुनने के बाद, चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से छह जुलाई को शाम 5.30 बजे तक दस्तावेज़, संगठनात्मक रिकॉर्ड और समर्थन के सबूत जमा करने को कहा है। इस विवाद की मुख्य जड़ पार्टी का चुनाव चिह्न, उसकी संपत्तियां, फंड और मुख्यालय का भविष्य है। विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद पार्टी में बढ़ी बगावत के कारण दोनों गुटों ने इन पर अपना-अपना दावा ठोक दिया है।

संगठन के लिए बड़ी चुनौती

जहां ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले कालीघाट गुट के संगठनात्मक निरंतरता और पार्टी की स्थापना की विरासत पर निर्भर रहने की उम्मीद है, वहीं बागी गुट विधानसभा और चुने हुए प्रतिनिधियों के बीच संख्या-बल पर भरोसा कर रहा है। यह टकराव पश्चिम बंगाल में हाल के दशकों में देखे गए सबसे बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों में से एक के बीच हो रहा है। यह संकट शुरू तो विधायी स्तर पर बगावत के तौर पर हुआ था, लेकिन अब यह संगठन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। 

80 में 58 विधायक अलग हुए

यह संकट पिछले महीने तब शुरू हुआ जब बागी गुट ने एक विशेष सत्र बुलाकर वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को अध्यक्ष चुन लिया और एक समानांतर राष्ट्रीय नेतृत्व ढांचा पेश किया। उनका तर्क था कि पार्टी के मौजूदा नेतृत्व ने अपने ज़्यादातर चुने हुए प्रतिनिधियों का भरोसा खो दिया है। बागी नेताओं ने अपनी ताकत तब दिखाई जब तृणमूल के 80 में से 58 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के उम्मीदवार को खारिज करते हुए, विपक्ष के नेता के पद के लिए ऋतब्रत बनर्जी के दावे का समर्थन किया। अब इस गुट का दावा है कि उन्हें करीब 65 विधायकों का समर्थन हासिल है। 

सांसदों ने भी की बगावत

इसके बाद, काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में लोकसभा के 21 सदस्य 'नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' (एनसीपीआई) में शामिल हो गए, जिससे संसद में ममता बनर्जी की स्थिति काफी कमज़ोर हो गई और राजनीतिक वैधता की लड़ाई में एक नया पहलू जुड़ गया। शुक्रवार को पार्टी के अंदर चल रही खींचतान में एक नाटकीय मोड़ आया, जब बागी गुट ने कोलकाता में पार्टी मुख्यालय 'तृणमूल भवन' पर कब्ज़ा कर लिया। उन्होंने ताले बदल दिए, नए पोस्टर लगाए और घोषणा की कि अब से वे यहीं से काम करेंगे। यह कदम उस घटना के ठीक एक दिन बाद उठाया गया, जब बागी गुट ने पार्टी के नेतृत्व, चुनाव चिह्न, संगठनात्मक ढांचे और संपत्ति पर अपना दावा पेश करने के लिए नयी दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार और दो चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की थी। 

दोनों ने क्या-क्या दावा किया?

ऋतब्रत गुट के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "हमने सभी दस्तावेजी सबूत इकट्ठा कर लिये हैं और उन्हें आयोग के सामने पेश करेंगे। हमें भरोसा है कि फैसला तथ्यों, आंकड़ों और संगठनात्मक वैधता पर आधारित होगा।" दूसरी ओर, ममता बनर्जी खेमे ने बागी नेताओं के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कड़ा ऐतराज जताया है। उनका तर्क है कि पार्टी से निकाले गए नेता चुनाव आयोग के सामने पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं रखते। बहरहाल, कालीघाट खेमे के लिए दांव पर बहुत कुछ लगा है, क्योंकि पार्टी के वरिष्ठ नेता निजी तौर पर यह मान रहे हैं कि चुनाव आयोग के इस फैसले का पार्टी की भविष्य की राजनीतिक पहचान पर दूरगामी असर पड़ेगा।

ये भी पढ़ें:

ममता बनर्जी को फिर झटका, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने TMC के प्रदेश अध्यक्ष समेत सभी पदों से इस्तीफा दिया, बागी गुट में शामिल हुईं
टीएमसी हेडक्वार्टर पर बागी विधायकों का कब्जा, ताला लगाकर चाबी साथ ले गए, अरूप रॉय का पोस्टर भी लगाया

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। पश्चिम बंगाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।