राणाघाट विधानसभा चुनाव 2026ः पश्चिम बंगाल में इसी साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव प्रस्ताव हैं। चुनाव की घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है। ऐसे में सभी सीटों पर चुनावी माहौल गरम है। राणाघाट उत्तर पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां देखी जा रही हैं। संभावित उम्मीदवार जनता के बीच जा रहे हैं।
राणाघाट के बारे में जानें
राणाघाट निर्वाचन क्षेत्र को राणाघाट उत्तर पूर्व विधानसभा सीट के नाम से भी जाना जाता है। यह नादिया जिले में है। यह आरक्षित सीट है। यह निर्वाचन क्षेत्र 2008 में डिलिमिटेशन कमीशन की सिफारिशों के बाद अस्तित्व में आया था। यहां खेती मुख्य पेशा है, जिसमें धान सबसे ज़्यादा उगाई जाने वाली फसल है। जूट, सरसों और सब्ज़ियां भी उगाई जाती हैं। हाल के सालों में फूलों की खेती बढ़ी है, खासकर कूपर कैंप और राणाघाट शहर के आसपास। मछली पालन और डेयरी फार्मिंग से भी लोगों को इनकम बढ़ाने में मदद मिली है।
राणाघाट का चुनावी इतिहास
राणाघाट का चुनावी इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2021 के विधानसभा चुनावों में यह सीट भारतीय जनता पार्टी ने जीती थी। भारतीय जनता पार्टी के आशिम बिस्वास ने टीएमसी के समीर कुमार पोद्दार को 31782 वोटों के अंतर से हराया। इस चुनाव क्षेत्र में चार बार चुनाव हो चुके हैं, जिसमें 2024 का उपचुनाव भी शामिल है। टीएमसी ने 2011 में पहला चुनाव जीता था, जिसमें अबीर रंजन बिस्वास ने CPI(M) के आलोक कुमार दास को 19,608 वोटों से हराया था। CPI(M) ने 2016 में यह सीट जीती थी। यहां पर 2026 में टीएमसी को कड़ी टक्कर मिल सकती है। बीजेपी का बढ़ता असर और लेफ्ट फ्रंट-कांग्रेस गठबंधन के फिर से उभरने की संभावना ने चुनाव को रोचक बना दिया है। समीर कुमार पोद्दार टीएमसी के टिकट पर 2011 और 2016 में इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं। इन दोनों चुनाव में सीपीआई एम दूसरे नंबर पर रही थी।