वेलिंगटन: न्यूजीलैंड ने कोविड महामारी शुरू होने के बाद से पूरे देश में जबरदस्त प्रतिबंध लगा दिए थे। एक वक्त तो ऐसा भी आया था जब एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कहर से जूझ रही थी, तो दूसरी तरफ न्यूजीलैंड कोविड-फ्री घोषित हो चुका था। लेकिन न्यूजीलैंड ज्यादा दिन तक कोरोना की चपेट में आने से नहीं बच पाया और बाकी की दुनिया की तरह यहां भी इस बीमारी ने बर्बादियों के निशान छोड़ ही दिए। हालांकि यह भी अब बीते दौर की बात है क्योंकि शुक्रवार न्यूजीलैंड पहुंचे एक क्रूज शिप का जोरदार स्वागत किया, जो देश के पर्यटन उद्योग के सामान्य स्थिति में लौटने का संकेत है।
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2.5 साल बाद न्यूजीलैंड पहुंचा पहला क्रूज शिप
दुनिया के कोविड-19 की चपेट में आने के बाद यह पहला ऐसा क्रूज शिप है जो न्यूजीलैंड पहुंचा है। इस मुल्क ने कोविड-19 को पूरी तरह से खत्म करने और बाद में इसके प्रसार को नियंत्रित करने के लिए 2020 की शुरुआत में अपनी सीमाओं को बंद कर दिया था। हालांकि, न्यूजीलैंड ने मई में प्लेन से आने वाले पर्यटकों के लिए अपनी सीमाओं को फिर से खोल दिया, लेकिन समुद्री जहाजों पर से प्रतिबंध अभी सिर्फ 2 हफ्ते पहले ही हटा है। क्रूज इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग सवाल करते हैं कि इसमें इतना समय क्यों लगा।

क्रूज शिप पर लगभग 2000 लोग हैं सवार
इस प्रतिबंधों के खत्म होने के बाद सिडनी से रवाना हुए कार्निवल ऑस्ट्रेलिया के पैसिफिक एक्सप्लोरर (The Pacific Explorer) क्रूज जहाज को 12-दिवसीय यात्रा के लिए फिजी जाने के क्रम में वापसी में शुक्रवार को सुबह ऑकलैंड में लंगर डालने की इजाजत दी गई। जहाज पर लगभग 2,000 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार हैं। पर्यटन मंत्री स्टुअर्ट नैश ने कहा, ‘अद्भुत, है ना? हमारी सीमाओं को फिर से खोलने की दिशा में यह एक और कदम है और हमेशा की तरह व्यापार फिर से शुरू करने के करीब है।’
टूरिज्म इंडस्ट्री में रंग भरने की उम्मीद लेकिन...
माना जा रहा है कि न्यूजीलैंड में टूरिज्म इंडस्ट्री को कोरोना से पहले के दौर के बराबर आने में अभी वक्त लगेगा। इस इंडस्ट्री का न्यूजीलैंड की विदेशी आय में लगभग 20 प्रतिशत और सकल घरेलू उत्पाद में 5 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान होता था। नैश ने कहा, ‘मुझे लगता है कि टूरिज्म सेक्टर में ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने पिछले 2 सालों में काफी मुश्किलें झेली है।’ बता दें कि न्यूजीलैंड कोरोना वायरस की शुरुआती लहरों से बच निकलने में कामयाब रहा था और वहां बाकी दुनिया के मुकाबले में काफी कम संख्या में संक्रमण के केस आते थे, लेकिन फरवरी 2022 के बाद हालात बेकाबू हो गए।

फरवरी 2022 में देश में बेकाबू हो गया कोरोना
30 अप्रैल 2020 तक देश में कोरोना वायरस से संक्रमण के कुल 1475 मामले थे। 30 अप्रैल 2022 तक इस देश में कुल मिलाकर 2613 मामले सामने आए थे, जबकि उस समय पूरी दुनिया में कोरोना वायरस कहर बनकर टूट चुका था। हालांकि फरवरी 2022 से हालात बदले और 01 फरवरी 2022 को 16,620 मामलों से बढ़कर 28 फरवरी को कुल मामलों की संख्या एक लाख के आंकड़े को पार कर गई। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, न्यूजीलैंड में अब तक 16,81,209 मामले सामने आ चुके हैं और 2,459 लोगों की मौत हुई है।