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जनता भूखे मर रही और नेता पी रहे घी! पाकिस्तान में 600% बढ़ी इन लीडर्स की सैलरी

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Jun 07, 2025 11:22 pm IST,  Updated : Jun 07, 2025 11:22 pm IST

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से प्राप्त कर्जों पर टिकी हुई है। शरीफ लोगों को अपने खर्चों में कमी करने की सलाह देते हुए जोर दे रहे हैं कि यह केवल एक सुधार का चरण है।

पाकिस्तान- India TV Hindi
पाकिस्तान Image Source : FILE

पाकिस्तान सरकार ने नेशनल असेंबली के अध्यक्ष और सीनेट के सभापति का मासिक वेतन बढ़ाकर 13 लाख रुपये कर दिया है। नया वेतन उनके पिछले वेतन 2,05,000 रुपये से काफी अधिक है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पाकिस्तान भारी राजनीतिक अराजकता और बलूचिस्तान तथा खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में काफी अशांति से जूझ रहा है। ‘समा’ टीवी की खबर के अनुसार संसदीय कार्य मंत्रालय ने 29 मई को अधिसूचना जारी की, लेकिन विस्तृत जानकारी शुक्रवार को सामने आई। अधिसूचना के अनुसार, दोनों अधिकारियों का मासिक वेतन 13 लाख रुपये तय किया गया है और उन्हें इसके अलावा अस्थायी भत्ते के रूप में 50 प्रतिशत अतिरिक्त राशि भी मिलेगी।

188% तक बढ़ गई सलाहकारों की तनख्वाह

संशोधित वेतनमान एक जनवरी, 2025 से पूर्व प्रभाव से लागू होगा। इससे पहले 21 मार्च को खबर आई थी कि संघीय मंत्रिमंडल के सदस्यों के वेतन और भत्ते में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। संघीय मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और सलाहकारों की तनख्वाह 188 प्रतिशत तक बढ़ा दी गयी है। संघीय मंत्रियों और राज्य मंत्रियों (भत्ते और वेतन) अधिनियम, 1975 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे इन बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया। विधेयक की मंजूरी के बाद संघीय मंत्री, राज्य मंत्री और सलाहकार का संशोधित वेतन 5,19,000 रुपये हो जाएगा। इससे पहले, संघीय मंत्रियों को 2,00,000 रुपये मिलते थे, जबकि राज्य मंत्रियों को 1,80,000 रुपये मिलते थे। इस सैलरी हाइक की देश के नागरिकों द्वारा कड़ी आलोचना की गई है, जो भारी-भरकम टैक्स, बेरोजगारी, महंगाई, हाई फ्यूल प्राइस, बिजली की बढ़ी हुई कीमतों और कई अन्य समस्याओं के बोझ तले दबे हुए हैं।

IMF के कर्ज पर टिका है पाकिस्तान

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से प्राप्त कर्जों पर टिकी हुई है। शरीफ लोगों को अपने खर्चों में कमी करने की सलाह देते हुए जोर दे रहे हैं कि यह केवल एक सुधार का चरण है। हालांकि, मंत्रियों, सलाहकारों, MNAs, सीनेटरों और अब नेशनल असेंबली के स्पीकर और सीनेट के चेयरमैन के वेतन में लगातार वृद्धि ने सरकार के इरादों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शरीफ साथ ही अपनी संघीय कैबिनेट के सदस्यों की संख्या बढ़ाना जारी रखे हुए हैं, जो वर्तमान में 51 सदस्यों पर खड़ी है। संघीय कैबिनेट के सदस्यों की प्रारंभिक संख्या 21 थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 43 कर दिया गया था।

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