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चीनी सरकार का नया फ़रमान, मस्जिद में दाख़िल होने के पहले गुज़रना होगा मेटल डिटेक्टर से

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Jul 14, 2017 09:38 am IST,  Updated : Jul 14, 2017 09:38 am IST

चीन सरकार ने प्रांत में कड़ाई की शुरुआत सन 2009 में उरुमकी शहर में हुए दंगों के बाद की जिसमें 200 लोग मारे गए थे लेकिन उसे भारत में जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर द्वारा मारे जा रहे भारतीय नजर नहीं आ रहे।

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नई दिल्ली: आतंकवाद के मामले पर एक बार फिर चीन का दोहरा चरित्र सामने आया है। चीन जिस तरह जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के भारत के प्रयासों के खिलाफ वीटो करता रहता है तो वहीं वह अपने देश में मुस्लिमों को प्रताड़ित करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ता। चीन ने तो अपने यहां मुस्लिम बहुल प्रांत में दाढ़ी रखने और खुले में नमाज पढ़ने पर भी रोक लगा रखी है। ताजा मामला चीन के पश्चिमी शहर काशगर से आया है जहां अब मुस्लिमों को मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए जाने से पहले मेटल डिटेक्टर के सामने से गुजरना होगा। यह शिनजियांग प्रांत की उइगर मुस्लिम आबादी पर चीन की कम्युनिस्ट सरकार की तरफ से लागू नई व्यवस्था है। इससे पहले इस मुस्लिम बहुल प्रांत में दाढ़ी रखने और खुले में नमाज पढ़ने पर रोक है।

कुछ साल पहले तक काशगर की सेंट्रल मस्जिद के बाहर का चौक भी नमाजियों से भरा होता था। ईद के मौके पर मुस्लिम एकत्रित होकर यहां नमाज पढ़ा करते थे लेकिन अब हालात बदल गए हैं। इस बार ईद के मौके पर हॉल के बाहर एक भी आदमी दिखाई नहीं दिया। मस्जिद में नमाज के लिए दशकों बाद सबसे कम भीड़ आई।

पता चला कि प्रशासन की ओर से मस्जिद आने वाले रास्ते पर कई जगह चेक प्वाइंट बना दिये गए थे। वहां पर आने वालों को रोककर तलाशी ली जा रही थी और कई सवाल पूछे जा रहे थे। उनके वाहन भी खड़े कराए जा रहे थे। इससे परेशान होकर लोगों ने मस्जिद न आना ही बेहतर समझा। इस बारे में जब काशगर के प्रशासन से बात की गई तो किसी अधिकारी ने कुछ नहीं कहा। शहर के एक व्यापारी ने कहा कि यह शहर अब धार्मिक गतिविधियों के लिए अच्छा नहीं रहा।

चीन सरकार कहती है कि ऐसे कड़े इंतजाम इस्लामी कट्टरपन को रोकने और अलगाववाद को ताकत न मिलने देने के लिए किये जा रहे हैं। लेकिन विश्लेषक मानते हैं कि उइगर बहुल शिनजियांग प्रांत अब खुली जेल की तरह हो गया है। यहां पर लोग रहते घरों में हैं और खुले आकाश के नीचे सांस लेते हैं लेकिन उन्हें हर काम पुलिस और सुरक्षा बलों की बंदिशों के बीच करना होता है।

ऑस्ट्रेलिया की ला ट्रोब यूनिवर्सिटी के चीन मामलों के विशेषज्ञ जेम्स लीबोल्ड कहते हैं कि चीन अप्रत्याशित ढंग से शिनजियांग में पुलिस राज चला रहा है। चीन सरकार ने प्रांत में कड़ाई की शुरुआत सन 2009 में उरुमकी शहर में हुए दंगों के बाद की जिसमें 200 लोग मारे गए थे लेकिन उसे भारत में जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर द्वारा मारे जा रहे भारतीय नजर नहीं आ रहे।

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