आज के हालात में पाकिस्तान का नाम आते ही बरबस आतंकवाद ज़हन में कौंध जाता है। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ चैनलों पर आतंकियों द्वारा अल्पसंख्यकों की हत्या, मंदिरों, चर्चों पर हमले और हिंदुओं और ईसाइयों का धर्मांतरण एक आम ख़बर हो गई है।
इन तमाम ख़बरों और घटनाओं के सिंध प्रांत के थारपरकर ज़िले में एक छोटा सा क़स्बा है मिथी जो अपने नाम के अनुरुप इंसानी रिश्तों की मिठास का प्रतीक है।

मिथी पाकिस्तान के उन बहुत कम नगरों या क़स्बों में जहां मुसलमान अलुपसंख्यक हैं। रेगिस्तान में फैला यह छोटा सा क़स्बा विभाजन के दर्द और तकलीफ़ से बिल्कुल अनजान है और यहां हिंदू और मुसलमान सदियों से भाईयों की तरह रहते आए हैं।
