इस्लामाबाद: प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने गिलगिट-बालतिस्तान की नालतार घाटी में सेना के एक हेलिकॉप्टर को मार गिराए जाने की ज़िम्मेदारी ली है और दावा किया है कि उसका निशाना प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ थे।
सीएनएन के अनुसार संगठन के प्रवक्ता मुहम्मद ख़र्रास्सनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि हेलिकॉप्टर को गिराने में ज़मीन से हवा में मार करने वाले मिसाइल का प्रयोग किया गया।
पाकिस्तान सेना का ये हेलिकॉप्टर एक स्कूल पर गिरा जिससे सात लोगों की मृत्यु हो गई जिसमें नॉर्वे और फ़िलीपीन्स के राजदूत भी शामिल हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि उनकी योजना शरीफ़ को मारने की थी जिन्हें घाटी आना था। प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान उनकी हत्या की विशेष योजना बनाई गई थी लेकिन वह दूसरे हेलिकॉप्टर में थे।
उधर इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन्स ने कहा कि हेलिकॉप्टर तकनीकि ख़राबी की वजह से दुर्घनाग्रस्त हुआ।
इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन्स के महानिदेशक मेजर असीम बाजवा ने कहा कि सेना के दो हेलिकॉप्टर तो सुरक्षित उतर गए लेकिन तीसरा दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उन्होंने इसके पीछे आतंकवादी कार्रवाई की संभावना से इंकार किया।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेलिकॉप्टर से विदेशी राजदूतों और उनके परिजनों के एक प्रतिनिधि मंडल को गिलगिट-बलिस्तान ले जाया जा रहा था जहां उन्हें प्रधानमंत्री शरीफ से मिलना था।
दुर्घटना के समय शरीफ दूसरे हेलिकॉप्टर में थे।