तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने सऊदी अरब के साथ अपने देश के संबंधों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। रूहानी ने कहा है कि अगर सऊदी अरब यमन पर बमबारी करना रोक दे और इस्राइल के साथ अपने कथित संबंध खत्म कर दे तो ईरान उसके साथ संबंध बहाल करने के लिए तैयार है। आपको बता दें कि सऊदी अरब ने 2016 में ईरान से अपने कूटनीतिक संबंध तोड़ लिए थे। उस समय ईरान में प्रदर्शनकारियों ने एक शिया नेता को सऊदी अरब में मौत की सजा दिए जाने के बाद सऊदी दूतावासों पर हमला कर दिया था।
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रविवार को प्रसारित अपने भाषण में रूहानी ने कहा कि क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों में 'अच्छे संबंध' हो सकते हैं अगर सऊदी अरब अपने 'झूठे दोस्त' इस्राइल के साथ संबंध समाप्त कर ले और यमन पर 'अमानवीय बमबारी' बंद कर दे। सऊदी अरब नीत गठबंधन ईरान से समर्थन प्राप्त कर रहे हूती विद्रोहियों के खिलाफ युद्ध में शामिल है। सऊदी अरब इस्राइल को मान्यता नहीं देता है लेकिन ईरान का विरोध करने में इन दोनों देशों के साझे हित हैं।
रूहानी ने कहा, 'हम अमेरिका की तरह नहीं है जिसने परमाणु समझौते के दौरान किए गए अपने वादे को अब तक नहीं निभाया। हम जब भी किसी समझौते पर हस्ताक्षर करते हैं, हम उसके प्रति वफादार रहते हैं और वादा निभाते हैं।' सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब पिछले महीने हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई एक मिसाइल को सऊदी की राजधानी रियाद के पास मार गिराया गया।