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यूक्रेन पर परमाणु हमला करने वाला था रूस, पीएम मोदी के दखल के बाद शांत हुआ मामला

 Written By: Subhash Kumar @ImSubhashojha
 Published : Mar 11, 2024 06:41 am IST,  Updated : Mar 11, 2024 08:15 am IST

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, रूस द्वारा यूक्रेन पर परमाणु हमले की तैयारी की जा रही थी। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य लोगों के आउटरीच और सार्वजनिक बयानों से परमाणु संकट को टालने में मदद मिली थी।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन।- India TV Hindi
पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन। Image Source : ANI

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को अब 2 साल से अधिक समय हो गया है। जंग में अभी तक यूक्रेन के कई इलाके तबाह हो चुके हैं और दोनों ओर से बड़ी संख्या में सैनिकों की भी मौत हुई है। हालांकि, इस बीच अमेरिकी मीडिया ने इस युद्ध से जुड़ा एक बड़ा दावा किया है। CNN की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि रूस अपने दुश्मन देश यूक्रेन पर परमाणु हमला करने की तैयारी कर रहा था। हालांकि, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कुछ अन्य देशों के नेताओं के दखल के बाद रूस को अपना फैसला बदलना पड़ा। आइए जानते हैं कि क्या है ये पूरा मामला। 

परमाणु हमले की तैयारी में था रूस

CNN की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साल 2022 में रूस, यूक्रेन पर परमाणु हमला करने की पूरी तैयारी में था। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की परेशानियां बढ़ गई थीं। इसके बाद जो बाइडेन ने भारत, चीन समेत कुछ अन्य देशों के नेताओं से संपर्क किया। इसके बाद परमाणु युद्ध के भीषण खतरे को टाला जा सका। CNN ने ये रिपोर्ट दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित की है।  

इस तरह टला परमाणु संकट

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य लोगों के आउटरीच और सार्वजनिक बयानों से परमाणु संकट को टालने में मदद मिली थी। अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि तथ्य यह है कि हम जानते हैं भारत ने इस संकट को टालने के लिए जोर बढ़ाया, चीन ने जोर बढ़ाया, दूसरों ने जोर बढ़ाया जिससे रूस की सोच पर कुछ प्रभाव पड़ा होगा।

क्या है युद्ध पर भारत का मत?

रूस-यूक्रेन संघर्ष के संबंध में भारत ने हमेशा नागरिक हत्याओं की निंदा की है और संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया है। पीएम मोदी ने पिछले साल उज्बेकिस्तान में एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर राष्ट्रपति पुतिन से कहा था कि यह युद्ध का युग नहीं है। यह बयान भारत की अध्यक्षता में जी20 विज्ञप्ति में भी दिया गया।

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