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मतभेद के बीच ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज गए चीन, जिनपिंग से मुलाकात से पहले कही ये बड़ी बात

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Nov 06, 2023 01:04 pm IST,  Updated : Nov 06, 2023 01:04 pm IST

ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच प्रशांत महासागर में मतभेद खुलकर सामने आए हैं। चीन इस समंदर के इलाके में अपनी दादागिरी करता है, जिसका विरोध ऑस्ट्रेलिया करता रहा है। इन्हीं मतभेदों के बीच 7 साल में पहली बार किसी ऑस्ट्रेलियाई पीएम की चीन यात्रा हो रही है।

ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग।- India TV Hindi
ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग। Image Source : FILE

Australia China News: ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच मतभेद जगजाहिर हैं दक्षिण चीन सागर ही नहीं, दक्षिण प्रशांत महासागर में चीन की बढ़ती धमक के बीच ऑस्ट्रेलिया ने कई बार चीन को अपनी हद में रहने की हिदायत दी है। ऑस्ट्रेलिया चीन की दादागिरी को रोकने के लिए बने 'क्वाड' देशों का भी सदस्य है। इनमें ऑस्ट्रेलिया के अलावा अमेरिका, भारत और जापान भी क्वाड के सदस्य हैं। चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी मतभेदों के बीच ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज चीन की यात्रा पर पहुंचे हैं। वे सोमवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से चर्चा करने वाले हैं।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने मुलाकात से पहले कही ये बात

जानकारी के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से सोमवार को मुलाकात 

करने वाले हैं। इससे पहले उन्होंने चीन से सहयोग की अपील की है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने सोमवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात से पहले सहयोग की अपील करते हुए इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच मतभेद खत्म होने के आसार फिलहाल नहीं हैं।

7 साल में पहली बार किसी ऑस्ट्रेलियाई पीएम की चीन यात्रा

अल्बनीज, पिछले सात वर्ष में चीन की यात्रा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। इससे पता चलता है कि दोनों देशों के बीच व्यापार एवं सुरक्षा से जुड़े मतभेदों के चलते तनावग्रस्त हुए द्विपक्षीय संबंधों में कुछ सुधार हुआ है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने बीजिंग में कहा, ‘मेरा कहना है कि जहां हम चीन के साथ सहयोग कर सकते हैं वहां करना चाहिए और जहां असहमत होना चाहिए वहां असहमत हो सकते हैं। यही नहीं, अपने राष्ट्रीय हित में काम कर सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने कुछ आशाजनक संकेत देखे हैं, हमारे दोनों देशों के बीच व्यापार की कई बाधाएं दूर हो गयी हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार में पहले से काफी वृद्धि हुई है।’ 

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