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China Xi Jinping: तीसरी बार भी चीन के राष्ट्रपति बनेंगे शी जिनपिंग, अपनी मौत तक देश पर करेंगे राज, जानिए कौन सा बड़ा बदलाव हो रहा

 Written By: Shilpa
 Published : Sep 13, 2022 08:24 am IST,  Updated : Sep 13, 2022 03:07 pm IST

China Xi Jinping: विश्लेषकों के अनुसार, सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा इस सप्ताह पार्टी के आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन में अपने संविधान में संशोधन करने की घोषणा के बाद शी की शक्तियां और बढ़ेंगी। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) की प्रमुख नीति निर्माण समिति, 25 सदस्यीय पोलित ब्यूरो की बैठक पिछले शुक्रवार को हुई थी।

China President Xi Jinping- India TV Hindi
China President Xi Jinping Image Source : INDIA TV

Highlights

  • एक बार फिर राष्ट्रपति बनेंगे शी जिनपिंग
  • शी की नेतृत्व क्षमता होगी मजबूत
  • 2012 में पहली बार राष्ट्रपति बने थे शी

China Xi Jinping: चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने देश के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अगले पांच साल के लिए और अधिक शक्तियां देने का फैसला कर लिया है। अगले हफ्ते होने वाली बैठक में न केवल शी के तीसरे कार्यकाल की बात को आगे बढ़ाया जाएगा बल्कि पांच साल के लिए देश का नेतृत्व करने हेतु उन्हें समर्थन भी दिया जाएगा। शी पहली बार साल 2012 में चीन के राष्ट्रपति बने थे और इस एक दशक में बेहद ताकवर नेता बन गए हैं। अब पार्टी में शी का पद और बढ़ सकता है। ऐसी जानकारी सामने आई है कि चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अगले पांच साल या उससे अधिक समय तक देश का नेतृत्व करने के लिए और अधिक अधिकार देने को लेकर अगले महीने महत्वपूर्ण अधिवेशन में अपने संविधान में संशोधन करने के लिए तैयार है। 

विश्लेषकों के अनुसार, सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा इस सप्ताह पार्टी के आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन में अपने संविधान में संशोधन करने की घोषणा के बाद शी की शक्तियां और बढ़ेंगी। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) की प्रमुख नीति निर्माण समिति, 25 सदस्यीय पोलित ब्यूरो की बैठक पिछले शुक्रवार को हुई थी। पोलित ब्यूरो ने कहा, ‘बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि 20वीं सीपीसी राष्ट्रीय कांग्रेस बहुत महत्वपूर्ण अधिवेशन है, जिसे अहम मौके पर आयोजित किया जाना है।’ 

बैठक में क्या कहा गया है?

शी जिनपिंग पार्टी का नेतृत्व करते रहेंगे, बैठक में इसका संकेत देते हुए कहा गया, ‘सीपीसी केंद्रीय समिति के साथ कॉमरेड शी जिनपिंग के मजबूत नेतृत्व में, पूर्व की उपलब्धियों को बरकरार रखते हुए पूरी पार्टी और सभी चीनी लोगों को एकजुट रखने के प्रयास किए जाने चाहिए।’ पद पर शी की निरंतरता को नेतृत्व संरचना में एक प्रमुख नीति परिवर्तन के रूप में माना जाता है क्योंकि संस्थापक माओ को छोड़कर शी के सभी पूर्ववर्ती दो से पांच साल के कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त हुए। माओ के बाद ‘मुख्य नेता’ की उपाधि पा चुके 69 साल के शी पांच साल का अपना दूसरा कार्यकाल इस साल पूरा कर रहे हैं। 

पोलित ब्यूरो की बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘पार्टी संविधान सीपीसी का सामान्य चार्टर है। नयी परिस्थितियों और मिशन के अनुरूप सीपीसी द्वारा अपनी 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस में पार्टी के संविधान में संशोधन करने से पार्टी को इस मौलिक दस्तावेज की गरिमा का बेहतर अध्ययन, पालन, क्रियान्वयन और रक्षा करने में मदद मिलेगी।’ सीपीसी के संविधान में बदलाव ने उन अटकलों को हवा दी है कि पार्टी के महासचिव और राष्ट्रपति के अलावा सेना के प्रमुख शी को पार्टी के अध्यक्ष की उपाधि प्रदान करने वाले संभावित उन्नयन सहित अधिक शक्ति प्रदान की जाएंगी। सदी पुरानी पार्टी में अब तक यह पद केवल माओ के पास ही था। अधिवेशन में पार्टी केंद्र में कई नए अधिकारियों को शामिल करेगी, जिसमें एक नया प्रधानमंत्री भी शामिल होगा, क्योंकि सीपीसी के नंबर दो नेता ली क्वींग ने कहा है कि वह सेवानिवृत्त हो जाएंगे। 

मजबूत होगी शी के नेतृत्व की स्थिति

हांगकांग के अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ के अनुसार विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम का उद्देश्य शी के सिद्धांत को पार्टी चार्टर में बेहतर ढंग से शामिल करना है, जो 9.5 करोड़ सदस्यों को नियंत्रित करता है और इससे शी के नेतृत्व की स्थिति और मजबूत होगी। विश्लेषकों ने कहा कि पार्टी के संविधान में संशोधन का उद्देश्य शी के सिद्धांत को चार्टर में बेहतर ढंग से शामिल करना है और इससे वह अधिकारों के मामले में और मजबूत होंगे। साल 2017 में पार्टी के पिछले अधिवेशन में एक नए युग के लिए चीनी विशेषताओं के साथ समाजवाद पर शी जिनपिंग के विचार को शामिल करने के लिए पार्टी चार्टर में संशोधन किया गया था। 

इसके अलावा शी, माओ और उनके उत्तराधिकारी देंग शियाओ पिंग के बाद पार्टी के तीसरे नेता बन गए- जिनके पास पार्टी के सिद्धांत में अपना दृष्टिकोण है। ‘ताइहे इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ फैलो और सिंघुआ विश्वविद्यालय में ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज’ के एक वरिष्ठ शोधकर्ता झी माओसोंग ने कहा कि शी के राजनीतिक विचारों के बेहतर संस्करण के अलावा, पार्टी के संवैधानिक संशोधन में उनके शासन की प्रमुख विशेषताएं, विशेष रूप से पिछले पांच वर्षों में उठाए गए और कार्यान्वित किए गए कार्यक्रम के और अधिक विस्तार को शामिल करने की आवश्यकता होगी।

इस साल शी जिनपिंग का पांच साल का दूसरा कार्यकाल पूरा हो जाएगा। कम्युनिस्ट पार्टी हर पांस साल में एक बार नेशनल कांग्रेस का आयोजन किया था। इसकी शुरुआत 16 अक्टूबर से हो रही है। सरकारी मीडिया ने ये जानकारी दी है। चीन में कांग्रेस को इस साल शी जिनपिंग को तीसरा कार्यकाल देने के लिए बढ़ते हुए कदम के तौर पर देखा जा रहा है। साल 2018 में जिनपिंग ने हमेशा ही सत्ता में बने रहने के लिए अपने राष्ट्रपति कार्यकाल की सीमाओं को खत्म कर दिया था। वह अब आगामी कांग्रेस में अपने कार्यकाल का विस्तार कर सकते हैं।  

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