Sunday, July 21, 2024
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Earthquake: ईरान में महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके, 4 की मौत; 120 लोग हुए घायल

ईरान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई है। भूकंप की वजह से 4 लोगों की मौत हो गई है जबकि 120 लोग घायल हुए हैं।

Edited By: Amit Mishra @AmitMishra64927
Updated on: June 19, 2024 8:07 IST
ईरान में महसूस किए गए भूकंप के झटके- India TV Hindi
Image Source : FILE ईरान में महसूस किए गए भूकंप के झटके

Iran Earthquake: ईरान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई है। भूकंप के झटके रजावी खुरासान प्रांत के कश्मीर काउंटी में महसूस किए गए है। भूकंपकी वजह से जानमाल का भी नुकसान होने की खबर है, कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई है जबकि 120 से अधिक लोग घायल हुए है। भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन की ओर से राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया गया है। 

इमारतों और सड़कों को पहुंचा नुकसान 

भूकंप के बाद करीब 35 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भूकंप की वजह से कुछ इमारतों के साथ-साथ कई सड़कों को भी नुकसान पहुंचा है। ईरान में इससे पहले पिछले साल नवंबर में भी भूकंप के जोरदार झटको से हिल गया था। तब भूकंप की तीव्रता 7.3 मापी गई थी। भूकंप की वजह से 500 से अधिक लोगों की मौत हुई थी जबकि हजारों लोग घायल हुए थे। 

2003 में हुई थी भारी तबाही

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार ईरान में हर साल औसतन 10,000 छोटे-बड़े भूकंप आते हैं। साल 2003 में ईरान के बाम शहर में आए भूकंप से भारी तबाही हुई थी। तब भूकंप ने शहर को तबाह कर दिया था। इसमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी और हजारों की संख्या में लोग घायल हुए थे। 

यह भी जानें 

बता दें कि, भूकंप को तीव्रता के लिहाज से अलग-अलग कैटेगरी में रखा जाता है।  2.5 से 5.4 तीव्रता वाले भूकंप माइनर कैटेगरी में होते हैं। 5.5 से 6 तीव्रता वाले भूकंप को हल्का खतरनाक भूकंप माना जाता है, इसमें मामूली नुकसान होने की संभावना रहती है। अगर 6 से 7 तीव्रता का भूकंप आता है तो नुकसान होने की संभावना भी बढ़ जाती है। 7 से 7.9 के भूकंप को खतरनाक माना जाता है। इस तीव्रता के भूकंप से इमारतों में दरार या उनके गिरने की आशंका रहती है। इससे ऊपर की तीव्रता वाले सभी भूकंप को बेहद खतरनाक कैटेगरी में रखा जाता है। 

क्‍यों आते हैं भूकंप

पृथ्‍वी टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है। इसके नीचे तरल पदार्थ लावा है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। बार-बार टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्‍यादा दबाव पड़ने पर ये प्‍लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्‍ता खोजती है और इस डिस्‍टर्बेंस के बाद भूकंप आता है

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