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समुद्र में भारत करने जा रहा बड़ा परीक्षण, दुनिया में मची खलबली...घबराए चीन ने भेजा जासूसी युद्धपोत

 Published : Nov 05, 2022 10:45 am IST,  Updated : Nov 06, 2022 08:48 am IST

China sent spy ship @ sea against India: रक्षा के क्षेत्र में तेजी से आत्म निर्भर हो रहे भारत की बढ़ती ताकत ने दुनिया के चारों खाने चित्त कर दिए हैं। विश्व के शक्तिशाली देशों को कड़ी टक्कर देने के लिए बेताब भारत के बेताज बादशाह पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षा से दुनिया घबरा गई है।

चीन का जासूसी जहाज (प्रतीकात्मक फोटो)- India TV Hindi
चीन का जासूसी जहाज (प्रतीकात्मक फोटो) Image Source : AP

China sent spy ship @ sea against India: रक्षा के क्षेत्र में तेजी से आत्म निर्भर हो रहे भारत की बढ़ती ताकत ने दुनिया के चारों खाने चित्त कर दिए हैं। विश्व के शक्तिशाली देशों को कड़ी टक्कर देने के लिए बेताब भारत के बेताज बादशाह पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षा से दुनिया घबरा गई है। वर्ष 2014 में पहली बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही मोदी ने साफ कह दिया था कि वह दुनिया से आंख मिलाकर बता करेंगे, आंख झुकाकर नहीं। इसी इरादे से आगे बढ़ते हुए पीएम मोदी ने सेना को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है। ताकि कोई भी दुश्मन देश भारत की ओर आंख उठा कर बात नहीं कर सके।

 
पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले आठ वर्षों से बढ़ रही भारत की सामरिक ताकत दुनिया के सर्वाधिक शक्तिशाली देशों के लिए काल बनती जा रही है। अब सेना की ताकत को और अधिक मजबूत करने के लिए भारत समुद्र में एक अन्य बड़ा परीक्षण करने जा रहा है। इससे पूरी दुनिया में खलबली मच गई है। समुद्र में होने वाले भारत के इस परीक्षण की सूचना पाकर चीन बौखला गया है। शी जिनपिंग ने परीक्षण के पल-पल की निगरानी के लिए हिंद महासागर में अपना सर्वाधिक शक्तिशाली जासूसी युद्धपोत भेज दिया है। ताकि वह परीक्षण संबंधी हर गुप्त जानकारी हासिल कर सके।

इंडोनेशिया के बाली तट से गुजरते देखा गया चीन का जासूसी पोत
विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चीन का सर्वाधिक खतरनाक जासूसी पोत युवान वांग-6 को इंडोनेशिया प्रांत के बाली तट से गुजरते देखा गया है। चीन ने इसे भारत की ओर से समुद्र में प्रस्तावित गुप्त परीक्षण के पहले भेजा है। भारत की ओर से अभी इस परीक्षण के तिथि की कोई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन चीन ने सूचना मिलते ही अभी से अपना जासूसी जहाज हिंद महासागर में भेज दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार चीन के इस जासूसी जहाज को सभी तरह के मिसाइल परीक्षणों और सैटेलाइट से जुड़ी गतिविधियों के विशेष निगरानी करने के लिए तैयार किया गया है। मैरीन ट्रैफिक ने भी हिंद महासागर में चीन के इस जासूसी जहाज की मौजूदगी की जानकारी साझा की है।

भारत के किस परीक्षण से घबराया चीन
अभी करीब तीन हफ्ते पहले भारत ने दुनिया में सबसे खतरनाक मानी जाने वाली परमाणु युक्त पनडुब्बी मिसाइल का परीक्षण किया था। भारत के इस शक्तिशाली परमाणु युक्त पनडुब्बी बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण पर चीन समेत अमेरिका जैसे देशों की कड़ी नजर थी। बंगाल की खाड़ी में भारत इस बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण के बाद दुनिया का छठां ऐसा देश बन गया, जिसके पास परमाणुयुक्त पनडुब्बी है। भारत के अलावा रूस, अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और चीन के पास इस तरह की परमाणु युक्त पनडुब्बी है। अब तीन हफ्ते में भारत इससे भी कुछ बड़ा दूसरा परीक्षण करने जा रहा है, जिसके बारे में अभी सभी सूचना गुप्त रखी गई है। इस वजह से चीन घबराया हुआ है। सूत्रों के अनुसार 2200 किलोमीटर तक की खतरनाक मारक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइल का भारत परीक्षण जल्द कर सकता है।

जद में होगा पाकिस्तान और चीन का हर इलाका
अगर भारत का यह परीक्षण सफल रहता है तो चीन समेत पाकिस्तान को समुद्र के रास्ते से ही निशाना बनाने की अद्भुत क्षमता नौसेना को हासिल हो जाएगी। चीन और पाकिस्तान के हर इलाके भारतीय नौसेना की जद में आ जाएंगे। ऐसे में जरूरत पड़ने पर भारत समुद्र के रास्ते ही चीन और पाकिस्तान दोनों देशों को तहस-नहस कर सकेगा।

जासूसी जहाज से क्या कर सकता है चीन
चीन ने अपना जासूसी जहाज इसलिए  भेजा है। ताकि वह भारत के मिसाइल परीक्षण के विशेषताओं की निगरानी करके इसकी काट तैयार कर सके। चीन अपने जासूसी जहाज से मिसाइल परीक्षण की हर बारीकी का पता लगा सकता है। जैसे कि मिसाइल की गति, सटीकता, मारकक्षमता, सीमा और घातकता इत्यादि। इससे पहले चीन ने श्रीलंका के हंबनटोटा द्वीप पर भी अपना एक जासूसी जहाज भारत की निगरानी के लिए भेजा था। भारत के विरोध के बाद चीन ने इसे वापस बुला लिया था। दरअसल श्रीलंका ने चीन से लिए कर्ज के बदले हंबनटोटा द्वीप को 99 वर्षों के लीज के लिए बीजिंग को दे दिया है। अब चीन इसके जरिये भारत में सैन्य गतिविधियों की जासूसी करता है।

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