तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरगची ने अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन पर ईरान के साथ युद्ध की लागत को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि पेंटागन सच नहीं बता रहा है। अरगची ने लिखा, 'पेंटागन झूठ बोल रहा है। बेंजामिन नेतन्याहू का यह ‘जुआ’ अब तक अमेरिका को 100 अरब डॉलर का नुकसान कर चुका है, जो कि बताए गए आंकड़े से 4 गुना ज्यादा है। अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर इसका अप्रत्यक्ष बोझ इससे भी कहीं ज्यादा है।'
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'अमेरिका के लिए ईरान को घेरना आसान नहीं होगा'
अरगची ने आगे कहा, 'हर अमेरिकी परिवार पर हर महीने करीब 500 डॉलर का खर्च आ रहा है और यह तेजी से बढ़ रहा है। ‘इजरायल फर्स्ट’ का मतलब हमेशा ‘अमेरिका लास्ट’ होता है।' इससे पहले गुरुवार को ईरान की संसद के स्पीकर एमबी गालिबाफ ने भी अमेरिका पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ईरान की सीमाएं इतनी लंबी हैं कि अमेरिका के लिए उसे पूरी तरह से घेरना आसान नहीं होगा। गालिबाफ ने मजाकिया अंदाज में कहा, 'अगर आप न्यूयॉर्क से वेस्ट कोस्ट तक और लॉस एंजेलिस से ईस्ट कोस्ट तक दो दीवारें बना दें, तो उनकी कुल लंबाई 7,755 किलोमीटर होगी, जो ईरान की सीमाओं से लगभग 1,000 किलोमीटर कम है। ऐसे देश को घेरने के लिए शुभकामनाएं।'
हेगसेथ ने दिए थे ईरान संग युद्ध में खर्च के आंकड़े
गालिबाफ ने अंत में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के लिए लिखा, '1 किलोमीटर= 0.62 मील।' बता दें कि हेगसेथ ने बुधवार को अमेरिकी संसद की हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के साथ हुई तीखी बहस में कहा था कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका ने अब तक लगभग 25 अरब डॉलर खर्च किए हैं, जिसमें मुख्य रूप से हथियार और उपकरणों के रखरखाव का खर्च शामिल है। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा, 'इस समय हमारी सबसे बड़ी चुनौती और सबसे बड़ा दुश्मन कुछ डेमोक्रेट और कुछ रिपब्लिकन नेताओं के गैर-जिम्मेदार और हार मानने वाले बयान हैं।'
1 ट्रिलियन डॉलर तक हो सकता है युद्ध का खर्च
हालांकि, डेमोक्रेटिक नेताओं और कई अर्थशास्त्रियों ने इस आंकड़े को काफी कम बताया है। उनका मानना है कि असल लागत 630 अरब डॉलर से लेकर 1 ट्रिलियन डॉलर तक हो सकती है। इससे पहले मार्च में पेंटागन अधिकारियों ने कांग्रेस को बताया था कि युद्ध के शुरुआती 6 दिनों में ही 11.3 अरब डॉलर खर्च हो चुके थे। वहीं, ट्रंप प्रशासन ने शुरुआत में इस युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर की मांग की थी, जो बाद के अनुमानों से काफी अलग है। ऐसे में देखा जाए तो ईरान और अमेरिका के बीच अब युद्ध की असली लागत और उसके असर को लेकर भी जमकर बयानबाजी हो रही है।