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ईरान ने अमेरिका को दिया झटका, दूसरे दौर की शांति वार्ता में शामिल होने से किया इनकार, IRNA ने वजह भी बताई

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Apr 20, 2026 12:47 am IST,  Updated : Apr 20, 2026 01:13 am IST

ईरान ने अमेरिका से दूसरे दौर की शांति वार्ता के लिए मना कर दिया है, जिससे मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ सकता है। ईरान के इस फैसले के पीछे की वजह भी सामने आई है।

Iran America- India TV Hindi
ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Image Source : AP/FILE

तेहरान: ईरान ने एक बार फिर अमेरिका को बड़ा झटका दिया है। दरअसल इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता की तैयारियां चल रही थीं लेकिन ईरान ने अचानक शांति वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया है। ईरान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी Islamic Republic News Agency (IRNA) ने एक्स पर पोस्ट करके इस बात की जानकारी दी है।

ईरान ने शांति वार्ता से क्यों किया इनकार?

IRNA के मुताबिक, "ईरान ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर में शामिल होने से मना कर दिया है।"

IRNA ने एक्स पर पोस्ट करके बताया, "ईरान का कहना है कि वार्ता के दूसरे दौरे के लिए वह इसलिए अनुपस्थित होगा क्योंकि वाशिंगटन की ज्यादा मांगें, अवास्तविक अपेक्षाएं, रुख में लगातार बदलाव, बार-बार विरोधाभास और नौसेनिक नाकाबंदी जारी है। इसे ईरान सीजफायर का उल्लंघन मानता है।"

 IRNA
Image Source : IRNA/X IRNA ने एक्स पर पोस्ट करके बताई वजह

रविवार को ही ट्रंप ने दी थी ईरान को धमकी

ट्रंप ने रविवार को ही अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर  ईरान को धमकी दी थी और कहा था कि अगर इस बार ईरान प्रस्तावित समझौते को ठुकराता है तो अमेरिका, उसके पुलों और पावर प्लांट को नष्ट कर देगा। उन्होंने कहा था कि हमारी टीम कल (सोमवार को) पाकिस्तान के इस्लामाबाद जा रही है। उन्होंने नई ट्रांसपैरेंट और उचित डील पेश की है। अगर ईरानियों ने अब भी इस डील को नहीं माना तो हम उनके पावर प्लांट और पुल को तबाह कर देंगे। 

ट्रंप ने ये भी कहा था कि ईरान ने कल होर्मुज जलडमरूमध्य में गोलीबारी की। यह हमारे सीजफायर का उल्लंघन है। इनमें से कई गोलियां एक फ्रांसीसी जहाज और ब्रिटेन के एक फ्रेटर (मालवाहक जहाज) को निशाना बनाकर चलाई गईं।

जानकारों का मानना है कि ईरान का यह फैसला मौजूदा युद्धविराम की समय सीमा से कुछ ही दिन पहले आया है, जिससे तनाव को नियंत्रित करने की संभावना पर नए सिरे से संदेह पैदा हो गया है। ईरान ने वार्ता टूटने के लिए वाशिंगटन को दोषी ठहराया है। अब देखना ये होगा कि अमेरिका का इस पर क्या रिएक्शन आता है। फिलहाल ईरान के इस फैसले से मिडिल ईस्ट संकट गहरा सकता है। 

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