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मिडिल ईस्ट में बड़ी जंग का खतरा! ईरान ने अमेरिका को दी धमकी, खाई ये बड़ी कसम

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Feb 01, 2024 08:58 am IST,  Updated : Feb 01, 2024 08:58 am IST

इजराइल हमास में जंग के बीच ईरान और अमेरिका में भी तनातनी जारी है। अमेरिका की चेतावनी के बाद ईरान ने भी अमेरिका से दो टूक कह दिया है कि वे जंग से नहीं डरते। ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी से डर है कि मिडिल ईस्ट में एक और बड़ी जंग न हो जाए।

ईरान ने अमेरिका को दी धमकी- India TV Hindi
ईरान ने अमेरिका को दी धमकी Image Source : FILE

Iran on America: मिडिल ईस्ट जंग का मैदान बन गया है। खाड़ी देश जंग के उस 'बारूद' पर बैठा है, जहां एक जरा सी चिंगारी बड़े युद्ध का कारण बन सकती है। कारण यह है कि अमेरिका के तीन सैनिकों की मौत जॉर्डन ड्रोन अटैक में हो गई है। इसके बाद से अमेरिका बौखलाया हुआ है और जवाबी हमले की चेतावनी दे चुका है। इसी बीच ईरान ने अमेरिका को धमकी से भरी चेतावनी दे डाली है कि अमेरिका चाहे तो जंग कर ले, वो युद्ध से नहीं डरते।

मिली जानकारी के अनुसार ईरान अमेरिका ही नहीं, पूरी दुनिया को ही चेताया है कि वो जंग से नहीं डरता। ईरान की ओर से यह धमकीभरा बयान तब आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाईडेन ने हाल ही में ड्रोन अटैक में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद करारा जवाबी हमला की बात कही थी, जिसकी तैयारी की जा रही है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के प्रमुख मेजर जनरल होसैन सलमानी ने बुधवार को कसम खाते हुए कहा कि उनका देश युद्ध से नहीं डरता। वे उनके खिलाफ किसी भी खतरे का जवाब देंगे।

'जंग नहीं चाहते, लेकिन किसी से नहीं डरते'

IRGC के कमांडर ने कहा, 'हमने अमिरिकी अधिकारियों की उन धमकियों को सुना है, जो ईरान की ओर इशारा करती हैं। हम उन्हें कहना चाहते हैं कि हम एकदूसरे को आजमा चुके हैं।' उन्होंने आगे कहा कि  'हम किसी भी खतरे को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ते और हम युद्ध की आशा नहीं करते हैं। लेकिन हम उससे डरते नहीं हैं। यह सर्वमान्य सत्य है।' जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर ड्रोन हमलों का जवाब देने के अलग-अलग विकल्पों पर पेंटागन विचार कर रहा है।

पहली बार सीधी गोलीबारी में अमेरिकी सैनिकों की मौत

उधर, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि 'हमारा मानना है कि जॉर्डन में हमले की योजना, संसाधन और सुविधा इराक में इस्लामिक रेजिस्टेंस नामक एक समूह द्वारा बनाई गई थी, जिसमें कताइब हिजबुल्लाह सहित कई समूह शामिल हैं।' किर्बी ने कहा कि यह पहली बार है जब हमले के बाद मध्य पूर्व में सीधी गोलीबारी में अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है।

हमले में घायल भी हुए थे 40 अमेरिकी सैनिक

तीन मौतों के अलावा, 40 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हो गए, जिनमें से तीन व्यक्तियों को आगे के इलाज के लिए जर्मनी के एक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जबकि एक की हालत स्थिर और एक की गंभीर बनी हुई है। किर्बी ने आगे कहा कि अमेरिका हमले का जवाब देने के लिए तैयार है, जिसमें कई चरणों में जवाबी हमले की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा, 'हम अपने निर्धारित समय पर अपने समय पर जवाबी कार्रवाई करेंगे। 

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