1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई हैं जिंदा, फिर दी नेतन्याहू और ट्रंप को चुनौती; कहा-Israel-US भ्रम में थे

ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई हैं जिंदा, फिर दी नेतन्याहू और ट्रंप को चुनौती; कहा-Israel-US भ्रम में थे

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Mar 20, 2026 09:40 pm IST,  Updated : Mar 20, 2026 11:07 pm IST

Israel US Iran War: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई अभी जिंदा हैं। उन्होंने शुक्रवार को एक बयान जारी कर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नई चुनौती दी है।

मुज्तबा खामेनेई, ईरान के नये सुप्रीम लीडर। - India TV Hindi
मुज्तबा खामेनेई, ईरान के नये सुप्रीम लीडर। Image Source : AP

Israel US Iran War: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई अभी जिंदा हैं। उन्होंने शुक्रवार को एक बयान जारी कर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नई चुनौती दी है। खामेनेई ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका और इज़रायल के हमले इस भ्रम पर आधारित थे कि शीर्ष नेताओं को मारकर सरकार को उखाड़ फेंका जा सकता है। मगर अब उनका भ्रम टूट रहा है। इस दौरान मुज्तबा ने ईरानियों की इस दृढ़ता की सराहना की। 

ईरानी टेलीविजन पर पढ़ा गया मुज्तबा का बयान

मुज्तबा खामेनेई का लिखित बयान फारसी नववर्ष नवरोज़ के अवसर पर शुक्रवार को जारी किया गया, जिसे ईरानी टेलीविजन पर पढ़ा गया।  उन्होंने ईरानियों की सराहना करते कहा-ईरानियों ने "राष्ट्रव्यापी रक्षात्मक मोर्चा और शहरों, मोहल्लों तथा मस्जिदों में मजबूत गढ़ बनाए, जिससे दुश्मन इतना हैरान हुआ कि वह विरोधाभासी और अतार्किक बयान देने लगा।" खामेनेई को युद्ध के पहले दिन अपने पिता की हत्या के बाद सत्ता संभालने के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। इज़रायली और अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि युवा खामेनेई उन हमलों में घायल हुए थे। खामेनेई की अनुपस्थिति और घायल होने की अफवाहें युद्ध के दौरान ईरान की नेतृत्व संरचना पर सवाल उठा रही हैं, लेकिन बयान से शासन की दृढ़ता का प्रदर्शन किया जा रहा है।

सुप्रीम लीडर को मार कर डर और निराशा फैलाना चाहता था अमेरिका

खामेनेई ने कहा कि दुश्मन (अमेरिका और इज़रायल) का मानना था कि सर्वोच्च नेता और कई प्रभावशाली सैन्य व्यक्तियों को शहीद करके ईरानी जनता में डर और निराशा फैलाई जा सकती है, जिससे ईरान पर कब्जा कर उसे विखंडित किया जा सकता है, लेकिन ईरानी जनता ने पूरे देश में व्यापक रक्षात्मक मोर्चा बनाकर दुश्मन को ऐसा झटका दिया कि वह विरोधाभासी और बेतुके बयान देने लगा, जो उसकी "असावधानी" का संकेत है। 

मुज्तबा ने कहा-लड़े 3 युद्ध

पिछले एक साल में हमारे लोगों ने तीन सैन्य और सुरक्षा युद्धों का सामना किया है। पहला युद्ध जून का युद्ध था, जब ज़ायोनी दुश्मन ने संयुक्त राज्य अमेरिका की विशेष सहायता से और बातचीत के बीच में, हमारे लगभग 1,000 साथी नागरिकों को शहीद कर दिया। ईरान के सर्वोच्च नेता ने नवरोज़ और ईद अल-फित्र के मौके पर यह संदेश जारी किया। इसके बाद उन्होंने जनवरी के तख्तापलट (कूप) युद्ध का जिक्र किया। खामेनेई ने कहा, अमेरिका और ज़ायोनी शासन ने आर्थिक समस्याओं का फायदा उठाकर अपने गुर्गों से अराजकता फैलाई। मगर उसमें वह फेल हो गए। वर्तमान तीसरा युद्ध है। इसमें युद्ध के पहले दिन ही उनके महान नेता (पिता अयातुल्लाह अली खामेनेई) को विदा किया गया। इस दौरान खामेनेई ने मिनाब स्कूल के बच्चों, डेना विध्वंसक के सितारों, आईआरजीसी, सेना, बसिज, पुलिस, सुरक्षा बलों और सीमा रक्षकों सहित सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

मुज्तबा खामेनेई ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान को बेहतर संबंध रखने की अपील की

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा, "मैं अपने दो मित्र देशों, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से ईश्वर के नाम पर और मुसलमानों के बीच विभाजन को रोकने के लिए आपस में बेहतर संबंध स्थापित करने का अनुरोध करता हूं। मैं अपनी ओर से आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार हूं।" इस दौरान उन्होंने कहा कि तुर्की और ओमान के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं। वहां हुए हमले इस्लामी गणराज्य की सशस्त्र सेनाओं या प्रतिरोध मोर्चे की अन्य सेनाओं द्वारा नहीं किए गए थे। यह ज़ायोनी शत्रु का छल है, जो इस्लामी गणराज्य और उसके पड़ोसियों के बीच फूट डालने के लिए झूठे झंडे का इस्तेमाल कर रहा है, और ऐसा कुछ अन्य देशों में भी हो सकता है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश