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Iran-US Peace Talks: शांति वार्ता से पहले अब्बास अराघची ने अमेरिका को कहा-विश्वासघाती, बोले भरोसा करना मुश्किल

 Published : Apr 11, 2026 03:59 pm IST,  Updated : Apr 11, 2026 04:17 pm IST

Iran-US Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में शांति वार्ता के लिए दोनों पक्ष इस्लामाबाद में हैं। इस्लामाबाद पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वार्ता शुरू होने से पहले अमेरिका को विश्वासघाती बताया है।

अब्बास अराघची, ईरान के विदेश मंत्री। - India TV Hindi
अब्बास अराघची, ईरान के विदेश मंत्री। Image Source : AP

इस्लामाबाद: अमेरिका में शांति वार्ता शुरू होने से पहले ईरान के विदेश विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका को विश्वासघाती कहा है। अराघची ने कहा कि वह शांति वार्ता में भारी अविश्वास के साथ शामिल हो रहे हैं। उन्होंने जर्मनी के विदेश मंत्री डॉ. जोहान वाडेफुल से फोन पर बातचीत की। इस दौरान कहा कि ईरान पाकिस्तान में अमेरिका के साथ हो रही शांति वार्ता में पूरी तरह अविश्वास की स्थिति के साथ प्रवेश कर रहा है। अराघची ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों में अमेरिका ने बार-बार कूटनीति का उल्लंघन किया है और विश्वासघात किया है। 

अमेरिका ने कूटनीति से बार-बार दिया है धोखा

अराघची ने कहा, “ईरान इन वार्ताओं में पूर्ण अविश्वास के साथ जा रहा है, क्योंकि अमेरिका ने कूटनीति के साथ बार-बार धोखा किया है और अपने वादों को तोड़ा है। हम अमेरिका पर भरोसा नहीं कर सकते।” उनका यह बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ठीक इसी समय उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में उच्च-स्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी वार्ता के लिए यहां मौजूद हैं। दोनों पक्ष इस सप्ताहांत में सीजफायर को मजबूत करने और लंबे समय तक चलने वाले शांति समझौते पर चर्चा करेंगे।

अमेरिका नहीं करता समझौतों का पालन

अराघची का यह सख्त रुख ईरान की सतर्क और सशंकित मुद्रा को स्पष्ट रूप से दिखाता है। ईरान लंबे समय से अमेरिका पर यह आरोप लगाता रहा है कि वह समझौतों का पालन नहीं करता और जब-तब ईरान के खिलाफ सैन्य या आर्थिक कार्रवाई करता रहता है। विश्लेषकों का मानना है कि अराघची का बयान वार्ता में ईरान की मजबूत वार्तालाप की स्थिति बनाने का प्रयास है। ईरान चाहता है कि कोई भी नया समझौता हो तो उसमें अमेरिका की ओर से सख्त गारंटी और विश्वास बहाली के ठोस कदम शामिल हों। इस बीच पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। 

शहबाज शरीफ का संदेश करो या मरो

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि यह “करो या मरो” की स्थिति है। अराघची का बयान वार्ता शुरू होने से ठीक पहले आया है, जिससे लगता है कि बातचीत आसान नहीं होने वाली। ईरान स्पष्ट संदेश दे रहा है कि वह बिना शर्तों के कोई समझौता नहीं करेगा और पिछले विश्वासघातों को भूलने वाला नहीं है। वार्ता के नतीजे न केवल ईरान-अमेरिका संबंधों, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर भी असर डालेंगे।

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