दुबई: ईरान को अमेरिका की ओर से दी गई डेडलाइन आज खत्म होने वाली है। ट्रंप ने साफ तौर पर कहा है कि अगर तय समय सीमा के अंदर ईरान समझौते नहीं करता और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोलता है तो फिर उसे अमेरिका की सेना बर्बाद कर देगी। वहीं इजरायल की ओर से भी ईरान के नागरिकों को आगाह किया गया है। इजरायली सेना ने मंगलवार को फारसी भाषा में ईरान नागरिकों को आगाह किया कि वे स्थानीय समयानुसार कम से कम रात नौ बजे तक ट्रेन में यात्रा करने से बचें।
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नए ठिकानों को बनाया जा सकता है निशाना
इजरायल की सेना की ओर से किए गए इस पोस्ट से साफ संकेत मिला है कि ईरान पर किए जानेवाले हमलों में अब नए ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में यह चेतावनी दी गई है। पोस्ट में कहा गया है, "आपकी मौजूदगी आपके जीवन को खतरे में डाल सकती है।" ईरान में कई सप्ताह से इंटरनेट पर पाबंदी है, लिहाजा ये मुश्किल लगता है कि साधारण ईरानी इस चेतवानी को देख पाएंगे।
हालांकि, ईरान में पिछले कई हफ्तों से इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं, जिससे आम लोगों तक इस तरह की चेतावनियां सीधे पहुंचना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद, विदेशों में संचालित फारसी भाषा के सैटेलाइट न्यूज चैनल इन संदेशों को प्रसारित कर रहे हैं, जिससे यह जानकारी किसी न किसी तरीके से ईरान के भीतर पहुंच रही है।
खाड़ी में और बढ़ सकती है अस्थिरता
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की चेतावनी आमतौर पर किसी बड़े सैन्य ऑपरेशन से पहले दी जाती है, ताकि नागरिकों को संभावित खतरे से दूर रखा जा सके। मौजूदा हालात में यह कदम ईरान-इजरायल तनाव के और बढ़ने का संकेत माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और गहरा सकती है।
उधर, सऊदी अरब ने उसके तेल समृद्ध पूर्वी प्रांत पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद बहरीन से जोड़ने वाले एकमात्र सड़क मार्ग को मंगलवार को बंद कर दिया। वहीं, ईरानी अधिकारियों ने युवाओं से बिजली संयंत्रों की सुरक्षा के लिए मानव श्रृंखला बनाने की अपील की, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तय की गई समयसीमा नजदीक आ रही है, जिसमें ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की मांग की गई है।