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'सेना को कमजोर करना मतलब देश को कमजोर करना', पाकिस्तानी जनरल ने ऐसा क्यों कहा?

 Published : Aug 14, 2024 02:44 pm IST,  Updated : Aug 14, 2024 02:44 pm IST

पाकिस्तान की हालत सभी को पता है लेकिन सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर का कहना है कि पाकिस्तानी सेना में लोगों का अटूट भरोसा है। उन्होंने यह भी कहा कि हम हर कठिनाई के बाद हमेशा मजबूत बनकर उभरे हैं।

 Pakistan Army chief General Asim Munir- India TV Hindi
Pakistan Army chief General Asim Munir Image Source : FILE AP

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने कहा है कि देश की सेना को कमजोर करने का कोई भी प्रयास देश को कमजोर करने के समान है। पाकिस्तान के 78वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पाकिस्तान सैन्य अकादमी में आजादी परेड को जनरल मुनीर ने संबोधित किया। इस दौरान सेना प्रमुख ने देश के संस्थानों और पाकिस्तान के लोगों के बीच खाई पैदा करने के लिए ‘डिजिटल आतंकवाद’ का इस्तेमाल करने वाली विदेशी ताकतों के प्रयासों के बीच राष्ट्रीय एकता बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया। 

'हर कठिनाई के बाद मजबूत बनकर उभरे हैं'

जनरल असीम मुनीर ने कहा, ‘‘हम मुसीबतों और क्लेशों के बावजूद एक मजबूत राष्ट्र के रूप में उभरे हैं। पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को कमजोर करना देश को ही कमजोर करने के समान है।’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना में राष्ट्र का अटूट विश्वास सेना की सबसे मूल्यवान संपत्ति है। ना ही कोई नकारात्मक शक्ति विश्वास और प्रेम के इस रिश्ते को कमजोर कर पाई है और ना ही भविष्य में ऐसा कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐतिहासिक रूप से, एक राष्ट्र के तौर पर हम हर कठिनाई के बाद हमेशा मजबूत बनकर उभरे हैं।’’ सेना प्रमुख ने कहा कि देश और सशस्त्र बलों के बीच आपसी विश्वास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुनीर ने माना आतंकवाद है खतरा

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की खबर के अनुसार, उन्होंने एकता के महत्व पर भी प्रकाश डाला और चेतावनी दी कि कलह और विभाजन राष्ट्र को भीतर से खोखला कर सकते हैं, जिससे बाहरी आक्रमण का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। जनरल मुनीर ने क्षेत्र में चरमपंथ और आतंकवाद के जारी खतरे को भी स्वीकार किया और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए बलिदान जारी रखने के सशस्त्र बलों के संकल्प की पुष्टि की। ‘डॉन’ अखबार की खबर के मुताबिक, उन्होंने ‘डिजिटल आतंकवाद’ की लहर के लिए विदेशी ताकतों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इसका मकसद सरकारी संस्थानों और पाकिस्तान के लोगों के बीच खाई पैदा करना है। 

जनरल मुनीर ने कही थी यह बात 

पिछले सप्ताह यहां इस्लामी धर्मगुरुओं के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए जनरल मुनीर ने नकदी संकट से जूझ रहे देश में अराजकता पैदा करने के प्रयासों के खिलाफ चेताया था और कहा था कि सशस्त्र बल ऐसे किसी भी कदम को विफल करेंगे और राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा करेंगे। इस बीच, जियो न्यूज ने खबर दी है कि मंगलवार रात स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कराची के विभिन्न इलाकों में हवाई गोलीबारी में कम से कम 70 लोग घायल हो गए हैं। पिछले साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में हवाई फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी और 80 से अधिक घायल हो गए थे। (भाषा)

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