कंधार: अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर शांति की उम्मीदें एक बार फिर धूमिल हो गईं हैं। काबुल में शांति वार्ता विफल होने पर पाकिस्तान ने फिर अफगानिस्तान पर बृहस्पतिवार को हमला कर दिया है। इससे इलाके में भगदड़ मच गई है। पाकिस्तानी हमले के बाद अफगानिस्तान के बॉर्डर इलाके में लोगों को भागते देखा जा सकता है। हमले के बाद कई जगहों पर धुआं उठता दिख रहा है।
पाकिस्तान ने तोड़ा युद्धविराम
शांति वार्ता विफल होता देख पाकिस्तानी सेनाओं ने युद्ध विराम तोड़ दिया है। पाक सेना ने कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डाक जिले के लुकमान गांव में अफगान तालिबान के सीमा रक्षकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसके बाद मोर्टार हमले भी किए। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी पक्ष ने क्षेत्र में एक नागरिक घर को निशाना बनाया, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। यह घटना तब हुई जब दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते की धज्जियां उड़ गई। घटना गुरुवार सुबह करीब 6बजे शुरू हुई, जो शाम होते और तेज हो गई।
अफगानिस्तान ने कहा-बिना उकसावे के पाक कर रहा फायरिंग
अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबरुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने बिना किसी उकसावे के सीमा पर तैनात अफगान गार्ड्स पर फायरिंग की। मुजाहिद ने कहा कि"हमारी सेनाओं ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन हमारी प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा है। शुरुआती गोलीबारी के बाद पाकिस्तान ने मोर्टार दागे, जो लुकमान गांव के एक घर पर गिरे। सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन घर को भारी नुकसान पहुंचा। स्थानीय निवासी अब्दुल्लाह खान ने फोन पर बताया, "हम रोजमर्रा की जिंदगी जी रहे थे, अचानक गोलियां चलने लगीं। बच्चे डर से छिप गए। यह युद्धविराम का क्या मतलब?"
पाकिस्तान ने तीसरी बार किया हमला
यह तीसरी बार है जब पिछले दो महीनों में पाकिस्तान ने अफगान सीमा पर ऐसी आक्रामकता दिखाई। आलोचकों का कहना है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) जैसे समूहों को अफगानिस्तान में पनाह देने के आरोपों का बदला ले रहा है। अफगान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की है, जबकि पाकिस्तान ने इसे "सीमा सुरक्षा अभियान" बताया। कंधार के गवर्नर ने आपातकाल घोषित कर दिया और सीमा क्षेत्र के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का आदेश दिया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है।
अमेरिका ने की दोनों पक्षों से संयम की अपील
अमेरिका ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल सकता है, खासकर जब अफगानिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है। फिलहाल, अफगान सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं और सीमा पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। क्या यह छोटी झड़प बड़ा युद्ध बन जाएगी? दुनिया की नजरें इस संवेदनशील सीमा पर टिकी हैं।